भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास की नींव

Updated at : 25 May 2018 6:34 AM (IST)
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भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास की नींव

बिहार के चंपारण जिले की धरती से लेकर राज्य की राजधानी पटना तक 20 मई को पं राजकुमार शुक्ल की 90वीं पुण्यतिथि मनायी गयी. इसमें उनके कार्यों को याद करके उन्हें क्रांतिकारी योद्धा के रूप में बताया गया. शुक्ल ही ऐसे​ व्यक्ति थे, जो महात्मा गांधी के सामने अपनी हठ ठान दी और महात्मा गांधी […]

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बिहार के चंपारण जिले की धरती से लेकर राज्य की राजधानी पटना तक 20 मई को पं राजकुमार शुक्ल की 90वीं पुण्यतिथि मनायी गयी. इसमें उनके कार्यों को याद करके उन्हें क्रांतिकारी योद्धा के रूप में बताया गया.
शुक्ल ही ऐसे​ व्यक्ति थे, जो महात्मा गांधी के सामने अपनी हठ ठान दी और महात्मा गांधी को चंपारण आने का मन बना दिया. गांधी जी चंपारण की धरती पर अंग्रेजों के जुल्म को खत्म करने के लिए आये. उनका आंदोलन भी पूर्ण रूप से सफल रहा. इसलिए चंपारण की धरती भी ऐतिहासिक धरती बन गयी. पं राजकुमार शुक्ल को याद कर उनके जीवन से प्रेरणा लेना चाहिए, क्योंकि उनके हठ से स्वाधीनता संग्राम के इतिहास की पहली नींव पड़ी और वह पूर्ण रूप से सफल रहा.
नितेश कुमार सिन्हा, जानपुल चौक (मोतिहारी)
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