इलाज के लिए बंगाल जाना न पड़े

Updated at : 23 May 2018 6:22 AM (IST)
विज्ञापन
इलाज के लिए बंगाल जाना न पड़े

बंगाल के सरकारी अस्पतालों में झारखंड के मरीजों के लिए नो एंट्री लगाना तथा इलाज नहीं किया जाना बंगाल सरकार की मानवता की हत्या है. झारखंड सरकार को इससे सीख लेनी चाहिए कि आज हम कहां हैं? बंगाल सरकार ने यह बताने की कोशिश की है कि स्वास्थ्य सेवा के मामले में झारखंड किस हद […]

विज्ञापन

बंगाल के सरकारी अस्पतालों में झारखंड के मरीजों के लिए नो एंट्री लगाना तथा इलाज नहीं किया जाना बंगाल सरकार की मानवता की हत्या है. झारखंड सरकार को इससे सीख लेनी चाहिए कि आज हम कहां हैं? बंगाल सरकार ने यह बताने की कोशिश की है कि स्वास्थ्य सेवा के मामले में झारखंड किस हद तक उस पर निर्भर हैं. यह सच भी है.

झारखंड की ग्राम पंचायतों में स्वास्थ्य विभाग के बड़े-बड़े भवन बने हैं, मगर ये सिर्फ और सिर्फ मुंह चिढ़ाने के लिए हैं. अगर इन्हीं प्रतिष्ठानों पर सीमित संसाधनों का सही तरीके से अमल किया जाये, तो बंगाल से बेहतर इलाज यहां संभव हो सकता है.

समय आ गया है कि झारखंड सरकार स्वास्थ्य सेवा के मामले में किसी भी प्रकार की कोताही न करते हुए सख्ती से कार्य करे और यह समझे कि सिर्फ इमारतें खड़ी कर देने से मरीजों का भला होने वाला नहीं है.

नवल किशोर सिंह, दुमका

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola