18.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

विज्ञापन में बढ़ती अश्लीलता रोकें

‌आज जिस तरह रेप की घटनाएं बढ़ी हैं, वह मानवता को तो शर्मसार करती ही हैं, घटनाओं की जघन्य प्रकृति इससे भी कहीं ज्यादा लोमहर्षक और चिंताजनक है. इन घटनाओं को रोकने के लिए अन्य उपायों के अलावा वैसे विज्ञापनों पर भी रोक लगानी होगी, जो ऐसी मनोवृत्ति को उकसाते हैं. विज्ञापनों में बढ़ती अश्लीलता […]

‌आज जिस तरह रेप की घटनाएं बढ़ी हैं, वह मानवता को तो शर्मसार करती ही हैं, घटनाओं की जघन्य प्रकृति इससे भी कहीं ज्यादा लोमहर्षक और चिंताजनक है.

इन घटनाओं को रोकने के लिए अन्य उपायों के अलावा वैसे विज्ञापनों पर भी रोक लगानी होगी, जो ऐसी मनोवृत्ति को उकसाते हैं. विज्ञापनों में बढ़ती अश्लीलता बच्चों पर गहरा प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है और युवाओं को नैतिक रूप से भ्रष्ट बना रही है.

हालत यह है कि पानी के बोतल से लेकर पचास हजार रुपये की वस्तुओं के विज्ञापन में अश्लीलता का प्रदर्शन है. ऐसा लगता है, जैसे भारतीय उपभोक्ता समाज केवल अश्लीलता की ही भाषा समझता है. इस बात को मानना होगा कि अगर ऐसे अश्लील विज्ञापन कंपनियां के उत्पादों की बिक्री और कमाई बढ़ते हैं, जो समाज में बलात्कार जैसी घटनाओं को भी बढ़ावा देते हैं.

यानी कंपनियां ऐसे विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च कर प्रकारांतर से समाज को अनैतिकता के घोर संकट में डालने का काम कर रही हैं. केंद्र और राज्य सरकारों को ऐसे विज्ञापनों पर अविलंब रोक लगानी चाहिए.

नीलेश मेहरा, लेरवा स्कूल, मधुपुर

Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel