बिजली की चोरी
Updated at : 20 Mar 2018 7:32 AM (IST)
विज्ञापन

कुछ खबरें, खबरों से आगे होती हैं, जिनमें हमारी मानसिकता और प्रशासनिक सिस्टम का घालमेल साफ दिखाई देता है. बिजली चोरी दिन के उजाले में होनेवाली वह काली करतूत है, जिससे रात जगमगाती है. जब रखवालों पर ही उंगली उठ जाये, तो फिर दोष किसे दिया जायेगा? सिस्टम का यह राग कि ‘दरोगा जी से […]
विज्ञापन
कुछ खबरें, खबरों से आगे होती हैं, जिनमें हमारी मानसिकता और प्रशासनिक सिस्टम का घालमेल साफ दिखाई देता है. बिजली चोरी दिन के उजाले में होनेवाली वह काली करतूत है, जिससे रात जगमगाती है.
जब रखवालों पर ही उंगली उठ जाये, तो फिर दोष किसे दिया जायेगा? सिस्टम का यह राग कि ‘दरोगा जी से कहियो सिपहिया करे चोरी’ गाहे-बगाहे सुनाई पड़ ही जाता है. बिजली कर्मचारी, थाने और सरकारी दफ्तर तक ने बिजली के तारों को हूकिंग फ्री नहीं छोड़ा है.
कहानी भले ही जमशेदपुर की हो, मगर सूबे का शायद ही कोई हिस्सा हो, जो ऐसी कहानियों से मुक्त हो. इन खबरों को पढ़ कर यह फैसला करना कितना आसान है कि बिजली ही क्यों, भ्रष्टाचार की हर कड़ी सिस्टम से जा मिलती है. वैसे यह बात पक्की है कि जब तक हम नहीं बदलेंगे, सिस्टम नहीं बदल सकता, क्योंकि सिस्टम हम से ही तो शुरू होता है और हम पर ही खत्म.
एमके मिश्रा, रांची
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




