ठीक जांच का अभाव
Updated at : 29 Dec 2017 6:42 AM (IST)
विज्ञापन

मालेगाव धमाके में अब साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित पर सिर्फ आइपीसी, यूएपीए की धाराओं के तहत ही मुकदमा चलेगा. टू-जी स्पेक्ट्रम मामले में सबूतों के अभाव के कारण आरोपियों को राहत मिलने वाला निर्णय आया है, मालेगांव प्रकरण में आरोपियों पर से मकोका को निरस्त कर दिया है, लेकिन इन प्रकरणों की […]
विज्ञापन
मालेगाव धमाके में अब साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित पर सिर्फ आइपीसी, यूएपीए की धाराओं के तहत ही मुकदमा चलेगा.
टू-जी स्पेक्ट्रम मामले में सबूतों के अभाव के कारण आरोपियों को राहत मिलने वाला निर्णय आया है, मालेगांव प्रकरण में आरोपियों पर से मकोका को निरस्त कर दिया है, लेकिन इन प्रकरणों की जांच पर अधिकारियों का ठीक तरह से ध्यान था क्या?
अब तक अंतिम फैसला नहीं आया है. उससे पहले ही इस मामले ने अलग ही मोड़ पकड़ा है और देश को चौंका दिया है. जांच अधिकारी शुरू से ही इन प्रकरणों की ठीक तरह से जांच करते, तो न्यायालय का अंतिम निर्णय आ भी जाता. मालेगांव धमाके के मामले में मकोका हटा है, तो उसे लगाया ही क्यों था ? इसे कानून के साथ खिलवाड़ कहा जा सकता है.
अमित पडियार, इमेल से.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




