किताब और ड्रेस पर भी अंकुश

Updated at : 11 Dec 2017 6:40 AM (IST)
विज्ञापन
किताब और ड्रेस पर भी अंकुश

राज्य सरकार झारखंड के निजी स्कूलों में मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने के मामले को लेकर गंभीर है.इस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार शीतकालीन सत्र में प्रस्ताव पेश का अभिभावकों को राहत देने की तैयारी में है. सरकार का यह काफी सराहनीय कदम है, लेकिन रीएडमिशन फीस, साल-दर-साल किताबों में बदलाव, ड्रेस किसी खास […]

विज्ञापन
राज्य सरकार झारखंड के निजी स्कूलों में मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने के मामले को लेकर गंभीर है.इस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार शीतकालीन सत्र में प्रस्ताव पेश का अभिभावकों को राहत देने की तैयारी में है. सरकार का यह काफी सराहनीय कदम है, लेकिन रीएडमिशन फीस, साल-दर-साल किताबों में बदलाव, ड्रेस किसी खास दुकान से ही खरीदने के दबाव जैसे मामले भी कम गंभीर नहीं हैं. सरकार को इस पर भी अंकुश लगाने के ठोस उपाय करने होंगे.
अलग-अलग दिनों में अलग-अलग रंग के ड्रेस और टाई की अनिवार्यता का औचित्य समझ से परे है. एक ही ड्रेस रोज क्यों नहीं, इस पर सरकार को विचार कर इन स्कूलों को निर्देश देना चाहिए. फीस बढ़ोतरी के साथ-साथ किताब और ड्रेस पर भी अंकुश लगाने के लिए सरकार से सादर अपील है.
परमेश्वर झा, दुमका
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola