तीन तलाक पर कानून बने

Updated at : 20 Sep 2017 6:41 AM (IST)
विज्ञापन
तीन तलाक पर कानून बने

तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को कानूनी जामा पहनाने की आवश्यकता है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी उत्तर प्रदेश में तीन तलाक के अधिकतर केस दर्ज हो रहे हैं. मुस्लिम महिलाओं के लिए तीन तलाक का फैसला तब तक अधूरा है, जब तक इस फैसले को कानूनी मान्यता नहीं मिलती. यद्यपि […]

विज्ञापन
तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को कानूनी जामा पहनाने की आवश्यकता है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी उत्तर प्रदेश में तीन तलाक के अधिकतर केस दर्ज हो रहे हैं.
मुस्लिम महिलाओं के लिए तीन तलाक का फैसला तब तक अधूरा है, जब तक इस फैसले को कानूनी मान्यता नहीं मिलती. यद्यपि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को छह महीने के अंदर तीन तलाक को कानूनी जामा पहनाने को कहा है, किंतु सरकार इस मसले पर नरम रुख अपना रही है.
तीन तलाक की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए सख्त और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है. सरकार को इस मसले पर जल्द से जल्द कानून कानून बनाना चाहिए अन्यथा पुरुषों द्वारा तीन तलाक का उपयोग करने में हिचकिचाहट नहीं होगी.
अंकित कुंवर, सीवान, इमेल से
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola