शिक्षा की स्थिति

राज्य के विद्यालयों में पठन-पाठन की स्थिति चिंताजनक है. प्राथमिक विद्यालय हो अथवा माध्यमिक विद्यालय, न तो शिक्षक समय पर आते हैं और न ही छात्र. लड़कों से स्कूल में साफ-सफाई का काम कराया जाता है. यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है. विद्यालय के भवन का नहीं होना अथवा जर्जर हाल में होना भी एक दर्दनाक […]
राज्य के विद्यालयों में पठन-पाठन की स्थिति चिंताजनक है. प्राथमिक विद्यालय हो अथवा माध्यमिक विद्यालय, न तो शिक्षक समय पर आते हैं और न ही छात्र. लड़कों से स्कूल में साफ-सफाई का काम कराया जाता है.
यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है. विद्यालय के भवन का नहीं होना अथवा जर्जर हाल में होना भी एक दर्दनाक तसवीर है. बेंच-टेबुल भी अधिकांश विद्यालयों में उपलब्ध नहीं है. समय पर न तो किताबें मिलती है और न ही स्टेशनरी. पारा शिक्षकों के भरोसे अधिकांश स्कूल चल रहे हैं. उनकी योग्यता भी एक गंभीर मसला है. सभी की सामूहिक जिम्मेवारी और कर्त्तव्य है कि शिक्षा की स्थिति में सुधार लाएं. इसके लिए गंभीर और संवेदनशील होने की बड़ी आवश्यकता है .
युगल किशोर ,रांची
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




