किसानों से दिखावे की हमदर्दी
Updated at : 22 Jun 2017 6:04 AM (IST)
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हमारा देश कृषि प्रधान देश है, पर अब लगता है यह कागजों तक ही सीमित हो कर रह गयी है. केंद्र की भाजपा सरकार देश को उद्योग प्रधान बनाने का प्रयास कर रही है. फलस्वरूप खेती किसानी पर ध्यान नहीं दे रही है. इसी हताशा में देश के सभी भागों से किसानों की आत्महत्या करने […]
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हमारा देश कृषि प्रधान देश है, पर अब लगता है यह कागजों तक ही सीमित हो कर रह गयी है. केंद्र की भाजपा सरकार देश को उद्योग प्रधान बनाने का प्रयास कर रही है. फलस्वरूप खेती किसानी पर ध्यान नहीं दे रही है. इसी हताशा में देश के सभी भागों से किसानों की आत्महत्या करने की खबरें आ रही हैं.
किसानों पर राजनीति कर भाजपा ने सत्ता पायी. भाजपा को सत्ता तो मिली पर वादे कभी ना पूरे होनेवाले साबित हुए. कृषि ऋण से लेकर तमाम कृषि उपकरण मंहगे हो गये हैं. किसानों की बढ़ती आत्महत्या पर विपक्ष सड़कों पर मुखर है और भाजपा इसे विपक्ष की साजिश बता रही है. कई नेता कार्यकर्ता किसानों पर अनर्गल बयान दे रहे हैं. देश के कृषि मंत्री से आग्रह है कि वे किसानों की समस्याओं पर ध्यान देकर, उसे दूर करने का प्रयास करें.
राजन राज, रांची.
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