इतिहास पुरुषों को सम्मान दें
Updated at : 14 Jun 2017 7:05 AM (IST)
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वर्तमान में भारतीय राजनीति का स्तर गिरता ही जा रहा है. स्वार्थ और चाटुकारिता की राजनीति हावी है. नेतागण हमारे इतिहास पुरुषों का आपमान करने में हिचक नहीं रहे हैं. कुछ दिन पूर्व ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को ‘चतुर बनिया’ कहा. इन घटनाओं के पीछे शर्मनाक राजनीतिक सोच है, क्योंकि […]
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वर्तमान में भारतीय राजनीति का स्तर गिरता ही जा रहा है. स्वार्थ और चाटुकारिता की राजनीति हावी है. नेतागण हमारे इतिहास पुरुषों का आपमान करने में हिचक नहीं रहे हैं. कुछ दिन पूर्व ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को ‘चतुर बनिया’ कहा.
इन घटनाओं के पीछे शर्मनाक राजनीतिक सोच है, क्योंकि अधिकतर इतिहास पुरुषों का नाता कांग्रेस से रहा है. इसके पहले भी हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में अापत्तिजनक बयान आज-कल के हमारे नेतागण देते रहे हैं. उन सभी पार्टियों के नेताओं से अपील है कि कम-से-कम हमारे इतिहास पुरुषों को बक्श दें और अपनी स्वार्थ की राजनीति का हिस्सा ना बनाएं, क्योंकि उन लोगों ने नि:स्वार्थ भाव से देश की आजादी में योगदान किया.
राजन राज, रांची
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