महिलाओं की रक्षा
Updated at : 12 Jun 2017 6:22 AM (IST)
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महिलाओं से दुष्कर्म की घटनाओं में प्रतिदिन वृद्धि हो रही है. ऐसी घटनाएं रोकने के लिए कठोर कानून न होने के कारण दुष्कर्म करनेवालों को कानून का डर नहीं है. कई बार महिलाओं को प्राण भी गंवाना पड़ता है. दुष्कर्म की जिस तरह की वारदातें सामने आ रही है, उससे पता चलता है कि दुष्कर्म […]
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महिलाओं से दुष्कर्म की घटनाओं में प्रतिदिन वृद्धि हो रही है. ऐसी घटनाएं रोकने के लिए कठोर कानून न होने के कारण दुष्कर्म करनेवालों को कानून का डर नहीं है. कई बार महिलाओं को प्राण भी गंवाना पड़ता है.
दुष्कर्म की जिस तरह की वारदातें सामने आ रही है, उससे पता चलता है कि दुष्कर्म करने वाले जानवरों से भी ज्यादा खराब बर्ताव कर रहे हैं. लेकिन उस पर हमेशा के लिए रोक लगाने के लिए कोई राजनीतिक दल सामने नहीं आ रहे हैं. वे यह नहीं जानते कि समाज ने सिर्फ विकास काम करने के लिए नहीं, बल्कि हर महिला की रक्षा करने के लिए भी उन्हें चुना है.
वैजयंती सूर्यवंशी, इ-मेल से
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