औरंगाबाद: दूसरे प्रयास में नीट फतह, बनतारा के निरहान खान ने 591 अंक के साथ हासिल की ऑल इंडिया 13,248वीं रैंक

Author Manikant pandey|Edited by Vivek Singh
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निरहान खान का फाइल फोटो | Prabhat Khabar Network

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नीट परीक्षा में बनतारा के निरहान खान ने 591 अंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया। जानिए उनकी सफलता की प्रेरणादायक कहानी और सेल्फ स्टडी का मंत्र।

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Nirhan Khan NEET Success : औरंगाबाद जिले के देवकुंड थाना क्षेत्र के बनतारा गांव के छात्र निरहान खान ने नीट-यूजी 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की है. उन्होंने 591 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक 13,248, जनरल रैंक 5,279 और 99.32 पर्सेंटाइल हासिल कर परिवार और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है.

सेल्फ स्टडी से हासिल की बड़ी सफलता

निरहान खान ने बताया कि उन्होंने नीट की तैयारी मुख्य रूप से सेल्फ स्टडी के जरिए की. परीक्षा की तैयारी के दौरान वह प्रतिदिन 8 से 10 घंटे नियमित पढ़ाई करते थे. उनका मानना है कि अनुशासन, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है.

स्कूल से ही रहे मेधावी छात्र

निरहान ने 10वीं की परीक्षा एनएसएसटी हसपुरा से 88.2 प्रतिशत अंकों के साथ और 12वीं की परीक्षा आदर्श उच्च विद्यालय, बघोई से 90 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की. पढ़ाई के दौरान उनका लक्ष्य शुरू से ही मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाना था.

पीएमसीएच या एएनएमएमसीएच से करना चाहते हैं एमबीबीएस

निरहान ने बताया कि उनका सपना पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) या अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (ANMMCH) में दाखिला लेकर एमबीबीएस की पढ़ाई करना है. उन्होंने कहा कि डॉक्टर बनकर जरूरतमंद मरीजों की सेवा करना उनका जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य है.

परिवार और शिक्षकों को दिया सफलता का श्रेय

निरहान के पिता फारूक खान बिहार पुलिस से सेवानिवृत्त हैं, जबकि उनकी मां शहनाज खातून गृहिणी हैं. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय बड़े भाई, माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया. उन्होंने बताया कि आर्थिक स्थिति सामान्य होने के बावजूद परिवार ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया.

छात्रों को दिया सफलता का मंत्र

निरहान ने कहा कि तैयारी के दौरान विशाल सिलेबस, मानसिक दबाव और समय प्रबंधन बड़ी चुनौतियां थीं, लेकिन मेहनत और धैर्य से हर मुश्किल आसान हो जाती है. उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि लक्ष्य पर विश्वास रखें, नियमित मेहनत करें और कभी हार न मानें, क्योंकि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता.


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