भागलपुर में गंगा का भीषण कटाव. राघोपुर तटबंध पर 200 मीटर हिस्सा संकट में, ऊर्जा मंत्री का पैतृक घर भी खतरे में

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 तटबंध के पास बना कैंप कार्यालय, निदेश देते कार्यपालक अभियंता

तटबंध के पास बना कैंप कार्यालय, निदेश देते कार्यपालक अभियंता

Bihar Flood News : भागलपुर के नवगछिया में गंगा का जलस्तर चिंताजनक रूप से बढ़ गया है, जिससे राघोपुर-काजीकौरैया तटबंध का 200 मीटर हिस्सा भीषण कटाव का शिकार हो गया है. इस गंभीर स्थिति में बिहार के ऊर्जा मंत्री का पैतृक घर भी खतरे की जद में आ गया है.

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नवगछिया(भागलपुर) से रिपोर्ट

Bihar Flood News : भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल में गंगा का जलस्तर ही नहीं, उसका रौद्र रूप भी चिंता बढ़ा रहा है. खरीक प्रखंड के राघोपुर-काजीकौरैया तटबंध पर रविवार देर रात अचानक तेज कटाव शुरू हो गया. महज कुछ घंटों में करीब 200 मीटर के दायरे में गंगा ने तटबंध को काटना शुरू कर दिया. हालात इतने गंभीर हो गए कि बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल का पैतृक घर भी खतरे के दायरे में बताया जा रहा है. कटाव से घबराए ग्रामीण रातभर तटबंध पर डटे रहे और प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी पड़ी.

अगर कटाव की यही रफ्तार बनी रही तो सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि पूरा इलाका संकट में आ सकता है. तटबंध के कमजोर होने से हजारों लोगों के सामने बाढ़ और विस्थापन का खतरा खड़ा हो सकता है. सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या कटाव रोकने की तैयारियां समय पर और पर्याप्त थीं.

रविवार देर रात अचानक बदले हालात, 200 मीटर में शुरू हुआ भीषण कटाव

राघोपुर-काजीकौरैया तटबंध पर ब्रह्म बाबा स्थान से करीब आधा किलोमीटर दूर जल संसाधन विभाग के कैंप कार्यालय के सामने रविवार देर रात अचानक गंगा का तेज कटाव शुरू हो गया. स्थानीय लोगों के अनुसार कटाव की रफ्तार लगातार बढ़ती गई. देखते ही देखते नदी ने तटबंध के किनारे स्थित जल संसाधन विभाग के कैंप कार्यालय को भी अपनी जद में ले लिया और वह नदी में समा गया.

कटाव स्थल से करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल का पैतृक आवास स्थित है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटाव नहीं रुका तो आने वाले दिनों में वहां भी खतरा पहुंच सकता है.

Bihar Flood News : ग्रामीणों में मची अफरातफरी, रातभर चलता रहा बचाव का प्रयास

कटाव की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. पूर्व जिला पार्षद विजय कुमार मंडल और राघोपुर के सरपंच प्रमोद मंडल ने तत्काल जल संसाधन विभाग, जिला प्रशासन और अन्य अधिकारियों को सूचना दी.

जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से बचाव की तैयारी शुरू की गई. हालांकि देर रात तक कटाव की रफ्तार काफी तेज बनी रही.

ग्रामीणों का आरोप, आक्रोश के बीच अभियंताओं को हटना पड़ा

कटाव बढ़ने के साथ ग्रामीणों का गुस्सा भी फूट पड़ा. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कटाव निरोधी कार्य में लापरवाही और अनियमितता बरती गई, जिसकी वजह से आज यह स्थिति बनी है.

स्थिति तनावपूर्ण होने पर जल संसाधन विभाग के अभियंताओं और कर्मचारियों को कुछ समय के लिए पीछे हटना पड़ा. ग्रामीणों का कहना था कि वे अपने स्तर पर तटबंध और गांव को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बिना पर्याप्त संसाधनों के यह संभव नहीं है.

सीओ पहुंचे मौके पर, अधिकारियों को दिए तत्काल निर्देश

सूचना मिलने के बाद खरीक के अंचलाधिकारी (सीओ) प्रवीण कुमार मौके पर पहुंचे और कटाव प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया. उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को तत्काल कटाव निरोधी कार्य शुरू करने का निर्देश दिया. खबर लिखे जाने तक कटाव जारी था और बचाव कार्य के लिए आवश्यक सामग्री एकत्र की जा रही थी.

कैंप कार्यालय में तोड़फोड़, विभाग पर गंभीर आरोप

राघोपुर में गंगा के तेज कटाव से नाराज ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग के कैंप कार्यालय में तोड़फोड़ कर विरोध जताया. ग्रामीणों का आरोप है कि कटाव रोकने के लिए पहले जो कार्य किए गए थे, उनमें गुणवत्ता का अभाव था. उनका कहना है कि यदि मानकों के अनुरूप निर्माण हुआ होता तो आज तटबंध इस स्थिति में नहीं पहुंचता. ग्रामीणों ने अभियंताओं और ठेकेदार पर मिलीभगत कर सरकारी राशि के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया. इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

Bihar Flood News : हजारों घरों पर मंडरा सकता है खतरा

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तटबंध टूटता है तो गंगा का पानी आसपास के गांवों में तेजी से फैल सकता है. इससे हजारों परिवार प्रभावित हो सकते हैं और बड़े पैमाने पर विस्थापन की नौबत आ सकती है.

यही वजह है कि ग्रामीण लगातार तटबंध की मजबूती और तत्काल बचाव कार्य की मांग कर रहे हैं.

प्रशासन ने संभाला मोर्चा, युद्धस्तर पर शुरू हुआ कटाव निरोधी कार्य

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ अनिकेत अमर, अनुमंडल कार्यपालक दंडाधिकारी सुधीर कुमार, जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता मुकेश कुमार सहित कई अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं.

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कराया. इसके बाद कटाव रोकने के लिए युद्धस्तर पर कटाव निरोधी कार्य शुरू कराया गया. प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं ताकि तटबंध को सुरक्षित रखा जा सके.

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प्रत्युष प्रशांत

लेखक के बारे में

By प्रत्युष प्रशांत

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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