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  • Jan 12 2019 11:56AM

मायावती ने कहा, 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेगी सपा-बसपा, पीएम पद के लिए अखिलेश करेंगे ‘बुआ’ का समर्थन

मायावती ने कहा, 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेगी सपा-बसपा, पीएम पद के लिए अखिलेश करेंगे ‘बुआ’ का समर्थन

नयी दिल्लीे : बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके लोकसभा चुनाव 2019 के लिए गठबंधन की घोषणा कर दी. मायावती ने कहा कि यह गठबंधन पीएम मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह यानी गुरु-चेले की नींद उड़ाने वाला है. उन्होंने कहा कि जनहित ‘स्टेट गेस्ट हाउस कांड’ से ऊपर है, इसलिए मैंने उसे भुलाकर सपा के साथ गठबंधन का फैसला किया है. मायावती ने बताया कि सपा-बसपा के बीच सीटों को लेकर भी समझौता हो गया है और दोनों पार्टियां 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. दो-दो सीट सहयोगी पार्टी और कांग्रेस के लिए छोड़ दिया गया है.

मायावती ने कहा कि नरेंद्र मोदी के तानाशाही रवैये से पूरा देश परेशान है.जातिवाद, संप्रदायवाद की देश में अति हो गयी है, ऐसी स्थिति में देश को सपा-बसपा गठबंधन से काफी उम्मीदें हैं. यह राजनीतिक क्रांति का युग है और जनविरोधी पार्टी को सत्ता से दूर रखना हमारा लक्ष्य.

मायावती ने कहा कि इस गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं किया गया है. मायावती ने कांग्रेस और भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि दोनों की नीतियां एक जैसी हैं. कांग्रेस ने देश में इमरजेंसी लागू किया था और भाजपा ने अघोषित इमरजेंसी लागू कर रखा है. मायावती ने इस बात को साफ नहीं किया कि अगर वे लोकसभा चुनाव लड़ेंगी तो कहां से लड़ेंगी. मायावती ने कहा कि इस गठबंधन का भविष्य उज्ज्वल है और आने वाले विधानसभा चुनाव में भी हम साथ होंगे.

प्रेस कॉंन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मायावती का सम्मान मेरा सम्मान है. यदि कोई उनका अपमान करेगा तो वह मेरा अपमान होगा. अखिलेश यादव ने इस गठबंधन के लिए  मायावती का शुक्रिया अदा किया और कहा कि यह गठबंधन मजबूत है. अखिलेश ने कहा कि भाजपा के अत्याचार से लोगों को मुक्त कराने के लिए यह गठबंधन बना है और हम साथ हैं.






-मायावती ने कहा, 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेगी सपा-बसपा, पीएम पद के लिए अखिलेश करेंगे ‘बुआ’ का समर्थन


-मायावती ने कहा हमारा गठबंधन लंबा चलेगा, लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा चुनाव में भी हम साथ हैं

-मायावती चुनाव लड़ेंगी या नहीं अभी घोषणा नहीं की

- भाजपा के शासन का अंत सुनिश्चित

-भविष्य में हमारे संबंध और भी मजबूत होंगे-अखिलेश यादव

- मायावती का सम्मान मेरा सम्मान है-अखिलेश यादव

-भाजपा धार्मिक उन्माद फैला रही है

--मायावती को भाजपा के नेताओं ने अपमानित किया है

-भाजपा के अत्याचारों से आम जनता को मुक्ति दिलाने के लिए, सपा-बसपा एक हुई है

-प्रदेश में कानून -व्यवस्था की स्थिति बहुत ही खराब है
- अखिलेश यादव ने मायावती का शुक्रिया कहा
-मायावती ने कहा, सीट बंटवारे पर बातचीत हो चुकी है, हम और किसी पार्टी से गठजोड़ नहीं करेंगे
-कांग्रेस ने देश में इमरजेंसी लगाया था और भाजपा अघोषित इमरजेंसी के साथ शासन चला रही है

-कांग्रेस-भाजपा की नीतियां एक जैसी है
-‘सपा-बसपा गठबंधन भाजपा को केंद्र की सत्ता से दूर रखेगा, कांग्रेस महागठबंधन में शामिल नहीं

-सपा-बसपा गठबंधन भाजपा को केंद्र की सत्ता से दूर रख सकता है-मायावती
-जनविरोधी पार्टी को सत्ता से दूर रखना हमारा लक्ष्य-मायावती

-आज देश में राजनीतिक क्रांति का दौरा है-मायावती

-सपा-बसपा गठबंधन से देश को बहुत उम्मीद है -मायावती
- नरेंद्र मोदी के तानाशाही रवैये से देश परेशान है-मायावती

-भाजपा एक घोर जातिवादी पार्टी है , जिसे सत्ता से दूर रखना जरूरी है

 -मायावती ने कहा ‘स्टेट गेस्ट हाउस कांड’ से ऊपर है जनहित, इसलिए हमने सपा से गठबंधन का फैसला किया

-मायावती और अखिलेश यादव कर रहे हैं साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस, मायावती ने कहा मोदी-शाह की नींद उड़ेगी


लखनऊ :
देश की राजनीति में आज एक बहुत बड़ी घटना हो रही है, उत्तर प्रदेश की राजनीति में कभी धुर विरोधी रही पार्टियां सपा और बसपा आज एक साथ आ रही हैं. बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले मायावती से मुलाकात करेंगे. मायावती के आवास पर आज उतनी चहल-पहल तो नहीं दिख रही है, लेकिन उनके सिपहसालार सतीश शर्मा उनसे मिलने आ चुके हैं.
 

सपा-बसपा के साथ आने पर भाजपा के खेमे में खलबली है. भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी में नितिन गडकरी ने कहा है कि दोनों भाजपा से डरकर साथ आ रहे हैं. अखिलेश यादव ने कहा है कि पिछले साल लोकसभा उप-चुनाव में हम साथ आए तो प्रदेश के मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री की सीट पर भाजपा चुनाव हार गई.
 

इस बार भी हमारा गणित सटीक बैठेगा और भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ेगा .  दूसरी तरफ इस महागठबंधन को लेकर राष्ट्रीय लोक दल के  अजीत सिंह ने कहा, हम महागठबंधन का हिस्सा हैं. सीट बंटवारे को लेकर अबतक हमने कोई चर्चा नहीं की मायावती और अखिलेश जी बंटवारे को लेकर फैसला लेंगे. कांग्रेस इस गठबंधन का हिस्सा होगी या नहीं यह इसका फैसला अखिलेश जी करेंगे.

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