क्या बांग्लादेश से भारत में अवैध प्रवासी आते हैं

By Prabhat Khabar Digital Desk
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<figure> <img alt="बांग्लादेश में कपड़ा उद्योग में काम करने वाले कामगार" src="https://c.files.bbci.co.uk/A485/production/_110971124_garment_factory.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर चल रहे विरोध के बीच भारत और बांग्लादेश में अवैध प्रवासियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. </p><p>हाल ही में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने दावा किया था कि अगर भारत अपने यहां अवैध रूप से आने वाले हर व्यक्ति को नागरिकता देता है तो आधा बांग्लादेश खाली हो जाएगा. </p><img class="idt-cloud-graphic" src="https://ichef.bbci.co.uk/news/amp/idt2/470/57427ab0-5091-4323-a40b-b15801f27e68" alt="&quot;आधा बांग्लादेश खाली हो जाएगा अगर भारत उन्हें नागरिकता देना शुरू कर दे &quot;, Source: जी किशन रेड्डी , Source description: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री , Image: G Kishan Reddy at an event in Delhi"/><p>लेकिन, बांग्लादेश की सरकार का कहना है कि जब उसकी अर्थव्यवस्था भारत से बेहतर है तो कोई देश छोड़कर भारत को जाना चाहेगा. </p><p>बांग्लादेश के गृह मंत्री असदुज़मान ख़ान ने कहा था कि बांग्लादेश इतना गरीब नहीं है कि वहां के लोग भारत में जाएंगे. </p><img class="idt-cloud-graphic" src="https://ichef.bbci.co.uk/news/amp/idt2/470/e6155c73-9232-4048-a4a8-d42598f01e9b" alt="&quot;बांग्लादेश एक गरीब देश नहीं है कि वहां के लोग अवैध रूप से भारत आएं &quot;, Source: असदुज़मान ख़ान , Source description: बांग्लादेश के गृह मंत्री , Image: Asaduzzaman KhanBangladesh Home Minister"/><p>तो आईए जानते हैं कि भारत में बांग्लादेशियों की संख्या कितनी है और दोनों देशों की आर्थिक स्थिति में क्या अंतर है?</p><h1>भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी </h1><p>भारत में अवैध रूप से आने वाले बांग्लादेशियों की निश्चित संख्या को लेकर विवाद और उलझन बने रहते हैं. </p><p>साल 2004 में, तत्कालीन गृह मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने संसद में बताया था कि भारत में एक करोड़ 20 लाख बांग्लादेशी अवैध रूप से रह रहे हैं. </p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-51574365?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">बांग्लादेश से आए थे, आज करोड़पति हैं ये शरणार्थी</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-51551641?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">छत्तीसगढ़: आदिवासियों पर हावी हो रहे हैं बांग्लादेशी शरणार्थी?</a></li> </ul><figure> <img alt="भारत और बांग्लादेश सीमा पर एक सैनिक" src="https://c.files.bbci.co.uk/17103/production/_110976449_border_india.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> <figcaption>भारत और बांग्लादेश सीमा</figcaption> </figure><p>लेकिन, बाद में पश्चिम बंगाल और असम की सरकारों के विरोध के बाद वो अपने बयान से पीछे हट गये थे. श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा था कि इन दोनों राज्यों में सबसे ज़्यादा अवैध प्रवासी पाए गए हैं. </p><p>साल 2016 में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरन रिजीजू ने संसद में बताया था, ''मौजूदा जानकारी के मुताबिक भारत में बांग्लादेश से लगभग दो करोड़ अवैध प्रवासी हैं.''</p><p>हालांकि, उन्होंने इस जानकारी का कोई स्रोत नहीं बताया और उसके बाद से सरकार का कहना है कि उसके पास भारत में अवैध प्रवासियों की संख्या का कोई सटीक आंकड़ा नहीं है. </p><p>2015-2019 का नागरिकता का आंकड़ा इस संबंध में ज़्यादा कुछ नहीं बताता है. </p><p>इस अवधि के दौरान 15 हज़ार से ज़्यादा बांग्लादेशियों को भारतीय नागरिकता दी गई है. </p><img class="idt-cloud-graphic" src="https://ichef.bbci.co.uk/news/amp/idt2/470/ac1d22b9-413d-4436-95a9-ca87cb57b298" alt="बांग्लादेशियों को दी गई भारतीय नागरिकता . . ."/><p>लेकिन, इनमें से करीब 14,880 बांग्लादेशियों को सिर्फ़ साल 2015 में नागरिकता दी गई है जब भारत और बांग्लादेश ने सीमा के पास ज़मीन की अदला-बदली पर सहमति जताई थी. </p><p>अवैध प्रवासियों की संख्या के कोई ठोस आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं लेकिन भारत में राजनेता इस बात पर बार-बार ज़ोर देते हैं कि अवैध प्रवासी भारतीयों की नौकरियां छीन रहे हैं. </p><p>एक बार गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध प्रवासियों के लिए कहा था, ''वो जो अनाज खा रहे हैं वो गरीबों को मिलना चाहिए.''</p><h1>कैसी है बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था </h1><p>सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मामले में बांग्लादेश भारत से बेहतर स्थिति में है. जीडीपी किसी अर्थव्यवस्था में वस्तुओं और सेवाओं का माप होता है. </p><p>लेकिन, हमेशा से स्थितियां ऐसी नहीं रही हैं. </p><p>1971 में बांग्लादेश बनने के बाद वहां नकारात्मक जीडीपी वृद्धि थी जो बाद के सालों में बेहतर होती गई. </p><img class="idt-cloud-graphic" src="https://ichef.bbci.co.uk/news/amp/idt2/470/cc5783aa-75ed-4fc5-9a00-8e2011ded873" alt="भारत और बांग्लादेश का जीडीपी. % वृद्धि. ."/><p>पिछले दशक में बांग्लादेश के सकल घरेलू उत्पाद में तेजी से वृद्धि देखी गई है. </p><p>पिछले साल सितंबर में ज़ारी हुई एशियाई विकास बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश ने सबसे तेज़ी से बढ़ती दक्षिण एशियाई अर्थव्यवस्था बनकर भारत को पीछे छोड़ दिया है.</p><p>2019 में भारत की अनुमानित विकास दर 5.3% थी जबकि बांग्लादेश की अनुमानित विकास दर 8% थी. तेज़ी से होते इस विकास ने साल 2018 में बांग्लादेश को सबसे कम विकसित देश के तमगे से आज़ाद कर दिया. </p><img class="idt-cloud-graphic" src="https://ichef.bbci.co.uk/news/amp/idt2/470/00738e83-f3eb-48bf-a9a2-2548283929f5" alt="दक्षिण एशिया में महंगाई दर . 2018 के आंकड़े . ."/><p>हालांकि, ये भी महत्वपूर्ण है कि 2018 में पूरे दक्षिण एशिया में सबसे ज़्यादा महंगाई दर 5.8 प्रतिशत बांग्लादेश में थी जबकि भारत में ये दर 3.4 प्रतिशत थी. </p><p>इसी तरह 2018 में बांग्लादेश में अनुमानित बेरोजगारी दर भारत के मुक़ाबले ज़्यादा थी. हालांकि, इसमें उन लोगों का अनुपात कम था जो प्रति दिन 1.9 डॉलर से कम पर काम कर रहे थे - ये गरीबी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपयोग किया जाने वाला एक मानदंड है. </p><h1>इन मापदंडों पर दोनों देश कहां हैं </h1><p>बांग्लादेश ने अपने सामाजिक विकास सूचकांकों में महत्वपूर्ण सुधार किया है. वह शिशु मृत्यु दर और जीवन प्रत्याशा दर में भारत से आगे है. </p><p>भारत और पाकिस्तान के मुक़ाबले बांग्लादेश में पैदा होने वाली ज़्यादा बच्चियां अपना पांचवा जन्मदिन देख पाती हैं. <a href="http://hdr.undp.org/en/content/2019-human-development-index-ranking">महिलाएं भारत (68.6 साल) </a>और पाकिस्तान (66.5 साल) की तुलना में बांग्लादेश (72.5 साल) में ज़्यादा लंबा जीती हैं. </p><figure> <img alt="नवजात शिशु" src="https://c.files.bbci.co.uk/4522/production/_110989671_8b83e357-64e3-4e71-9bd8-467602dc2331.jpg" height="549" width="976" /> <footer>PA Media</footer> </figure><p>पिछले साल दिसंबर में जारी ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स 2020 में दिखाया गया था कि भारत 108वें स्थान से फिसलकर 112वें स्थान पर आ गया है जबकि बांग्लादेश उससे बेहतर रैंकिंग के साथ 50वें स्थान पर है.</p><p>इसके अलावा, बांग्लादेश संसद में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के मामले में भी भारत से बेहतर है. बांग्लादेश में संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 22 प्रतिशत है जबकि भारत में 13 प्रतिशत. </p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a 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