कोरोना वायरस: कोलकाता में कुछ का धंधा चमका, कुछ का पिटा

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
<figure> <img alt="चाइना टाउन" src="https://c.files.bbci.co.uk/16CC1/production/_110977339_chinatown-4.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Sanjay Das/BBC</footer> <figcaption>कोलकाता के चाइना टाउन का एक रेस्तरां</figcaption> </figure><p>&quot;इस महीने की शुरुआत तक हमारे रेस्तरां में, ख़ासकर शाम ढलने के बाद तिल रखने तक की जगह नहीं होती थी. लेकिन बीते दो सप्ताह से ग्राहकों के इंतज़ार में हमारी आंखें पथराने लगी हैं.&quot; </p><p>कोलकाता के पूर्वी छोर पर टेंगरा इलाके में स्थित देश के सबसे बड़े चाइना टाउन में बीते तीन दशकों से एक रेस्तरां चलाने वाले पीटर चेन एक सांस में पूरी बात कह जाते हैं.</p><p>&quot;कोरोनो वायरस के आतंक के चलते खाने के चीनी व्यंजनों के शौक़ीन चाइना टाउन स्थित होटलों और रेस्तरां से कन्नी काटने लगे हैं. जबकि चीन से हमारा कोई सीधा संपर्क नहीं है. हम वहां की किसी भी चीज़ का इस्तेमाल नहीं करते. इलाक़े में किसी भी व्यक्ति में इसके संक्रमण की सूचना नहीं है. हमें भारी नुक़सान उठाना पड़ रहा है.&quot;</p><p>चीन के वुहान शहर से लगभग 2700 किलोमीटर दूर बसे इस चाइना टाउन में देर रात तक काफी चहल-पहल रहती थी. </p><p>इलाक़े के रेस्तरां हाल तक लजीज़ चीनी व्यंजनों के शौक़ीनों से ठसाठस भरे रहते थे. लेकिन अब यहां भी सन्नाटा नजर आता है. </p><figure> <img alt="कोरोना वायरस, चाइना टाउन" src="https://c.files.bbci.co.uk/3829/production/_110977341_chinatown-3.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Sanjay Das/BBC</footer> </figure><h1>आधे हो गए हैं ग्राहक</h1><p>कोरोना वायरस के संक्रमण के डर से इलाक़े में स्थित तीन दर्जन से ज्यादा रेस्तरां में भीड़ नहीं जुट रही है. </p><p>इनमें से कुछ रेस्तरां तो इतने मशहूर हैं कि वहां टेबल खाली होने का घंटों इंतज़ार करना पड़ता था. </p><p>लेकिन कोई दो सप्ताह से इलाके के रेस्तरां मालिकों को भारी नुक़सान उठाना पड़ रहा है. हालांकि अब तक यहां संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है. </p><p>कोलकाता के इस चाइना टाउन की आबादी लगभग ढाई हज़ार है. लेकिन यहां रहने वाले एक भी परिवार का अब चीन से कोई सीधा संबंध नहीं है. </p><p>यहां के अधिकतर युवा अब विदेशों में बस चुके हैं. उनका चीन से सीधा कोई संबंध नहीं है. </p><p>बावजूद इसके लोग डर के मारे चीनी व्यंजनों के लिए इलाक़े का रुख़ नहीं कर रहे हैं.</p><figure> <img alt="कोरोना वायरस, चाइना टाउन" src="https://c.files.bbci.co.uk/13659/production/_110994497_gettyimages-1094180028.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Avishek Das/SOPA Images/LightRocket/Getty Images</footer> </figure><p><strong>वीरानी </strong><strong>नज़र </strong><strong>आती है...</strong></p><p>एक रेस्तरां के मालिक मैथ्यू चेन बताते हैं, &quot;दो सप्ताह के दौरान हमारे ग्राहकों की तादाद 60 फ़ीसदी तक कम हो गई है. हमें रोज़ाना भारी नुक़सान उठाना पड़ रहा है.&quot;</p><p>चाइना टाउन के गेट के पास स्थित बिग बॉस और किम लिंग जैसे मशहूर और बड़े रेस्तरां में तो वीकेंड के दौरान भारी भीड़ जुटती थी. </p><p>लेकिन अब वहां भी वीरानी ही नज़र आती है. इन रेस्तरां में लंच या डिनर के लिए पहुंचने वाले ग्राहकों को खाली टेबल के लिए औसतन एक घंटे इंतज़ार करना पड़ता था. </p><p>पर, अब वीकेंड के दौरान भी आधी से अधिक टेबल खाली रहती हैं. </p><p>मोटे अनुमान के मुताबिक़, इनमें से हर रेस्तरां को वीकेंड के दौरान चार से पांच लाख रुपये का नुक़सान हो रहा है.</p><p>चेन बताते हैं, &quot;यहां पूरे साल ग्राहकों की भीड़ रहती है जो अक्तूबर से फरवरी के बीच काफ़ी बढ़ जाती है. इस समय मौसम भी सुहावना होता है. मैंने अपने जीवन में पहली बार इलाके के होटलों में इतना सन्नाटा देखा है.&quot;</p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-51575867?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">चीन से लौटे भारतीयों की आपबीती </a></li> </ul> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-51546641?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">कोरोना वायरस: बुज़ुर्ग और बीमार को सबसे ज़्यादा ख़तरा</a></li> </ul><figure> <img alt="कोरोना वायरस, चाइना टाउन" src="https://c.files.bbci.co.uk/8649/production/_110977343_chinatown-2.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Sanjay Das/BBC</footer> </figure><h1>कहां से लाते हैं कच्चा माल और मसाले?</h1><p>एक रेस्तरां के मैनेजर एस चांग कहते हैं, &quot;फरवरी के पहले हफ़्ते से ही स्थायी ग्राहकों के फ़ोन आने लगे थे. वह लोग जानना चाहते थे कि यहां आने पर कहीं फ्लू से संक्रमित होने का ख़तरा तो नहीं है.&quot; </p><p>चांग बताते हैं कि उन्होंने तमाम लोगों को भरोसा दिया कि चीन से उनका कोई संबंध नहीं है और वो तमाम कच्चा माल और मसाले स्थानीय बाजारों से ही खरीदते हैं. </p><p>बावजूद इसके ग्राहकों को भरोसा नहीं हो रहा है. एक अन्य प्रमुख रेस्तरां की मालकिन मोनिका लिउ भी यही बात दोहराती हैं.</p><p>चाइनीज इंडियन एसोसिएशन के अध्यक्ष बीन चिंग कहते हैं, &quot;कई पढ़े-लिखे लोग भी कोरोना वायरस को लेकर बेहद आशंकित हैं. लेकिन चीन से कोई संपर्क नहीं होने की वजह से यहां कोई ख़तरा नहीं है. अब तक किसी भी व्यक्ति में यह संक्रमण नहीं पाया गया है.&quot;</p><p>वीकेंड पर परिवार के साथ नियमित रूप से चाइना टाउन जाने वाले दीपक गागुंली ने फिलहाल अपनी आदत बदल दी है. </p><p>एक निजी कंपनी में जनरल मैनेजर के पद पर कार्यरत दीपक कहते हैं, &quot;जान है तो जहान है. चीनी व्यंजन तो कहीं भी मिल जाएंगे लेकिन अगर कोरोना की चपेट में आ गए तो जान ही नहीं बचेगी.&quot;</p><p><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-51478387?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">कोरोना वायरस ने भारत के इस गांव को पूरी तरह ठप किया</a></p><p><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-51490801?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">कोरोना वायरस: भारत में अब तक कुल कितने मामले सामने आए?</a></p><figure> <img alt="कोरोना वायरस, चाइना टाउन" src="https://c.files.bbci.co.uk/D469/production/_110977345_chinatown-1.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Sanjay Das/BBC</footer> </figure><h1>फ़ायदा किसी और का...</h1><p>दूसरी ओर, चाइना टाउन की यह वीरानी कोलकाता के दूसरे चाइनीज़ होटलों के लिए वरदान बन कर सामने आई है. </p><p>वहां जनवरी के मुकाबले इस महीने बिक्री में वृद्धि दर्ज की गई है. </p><p>होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ ईस्टर्न इंडिया के अध्यक्ष सुरेश पोद्दार आंकड़ों के हवाले से बताते हैं, &quot;हाल में ग्राहकों की तादाद बढ़ी है. चाइना टाउन जाने वाले लोग अब इधर का रुख कर रहे हैं.&quot; </p><p>पोद्दार भी मध्य कोलकाता में इलाके में एक चीनी रेस्तरां चलाते हैं. </p><p>वह बताते हैं, &quot;ज्यादातर चीनी रेस्तरां में स्थानीय कच्चे माल का ही इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन ग्राहकों में चीन से आयात किए जाने वाले सॉस की एकाध क़िस्मों को लेकर चिंता जरूर है.&quot;</p><figure> <img alt="स्पोर्ट्स विमेन ऑफ़ द ईयर" src="https://c.files.bbci.co.uk/12185/production/_110571147_footerfortextpieces.png" height="281" width="976" /> <footer>BBC</footer> </figure><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम </a><strong>और </strong><a href="https://www.youtube.com/user/bbchindi">यूट्यूब</a><strong>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

Prabhat Khabar App :

देश-दुनिया, बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस अपडेट, मोबाइल, गैजेट, क्रिकेट की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

googleplayiosstore
Follow us on Social Media
  • Facebookicon
  • Twitter
  • Instgram
  • youtube

    संबंधित खबरें

    Share Via :
    Published Date

    अन्य खबरें