'आप न तो सावरकर हो सकते हैं और न गांधी' राहुल पर गरजे देवेंद्र फडणवीस, कहा- एक रात उस कमरे में गुजारें...
Published by : Pritish Sahay Updated At : 04 Apr 2023 10:11 PM
आप न तो सावरकर हो सकते हैं और न गांधी. सावरकर बनने के लिए कुर्बानी देनी पड़ती है. अंडमान जेल में उन्हें हमारे शौचालय जितने बड़े कमरे में ही रखा गया था. पूरा अंधेरा था. वे वहीं प्रकृति की पुकार का उत्तर देते थे. राहुल गांधी, एक रात के लिए उस कमरे में रहने की कोशिश करो.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वीर सावरकर को लेकर दिए बयान पर राजनीति गरमाती जा रही है. अब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सावरकर वाले बयान को लेकर राहुल गांधी पर हमला किया है. महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि राहुल गांधी कहते हैं कि वह माफी नहीं मांगेंगे, वह सावरकर नहीं हैं. आप न तो सावरकर हो सकते हैं और न गांधी. सावरकर बनने के लिए कुर्बानी देनी पड़ती है. अंडमान जेल में उन्हें हमारे शौचालय जितने बड़े कमरे में ही रखा गया था. पूरा अंधेरा था. वे वहीं प्रकृति की पुकार का उत्तर देते थे. राहुल गांधी, एक रात के लिए उस कमरे में रहने की कोशिश करो. हम आपके लिए एसी लगवा देंगे.
Rahul Gandhi says he won't apologise, he is not Savarkar. You can neither be Savarkar nor Gandhi. One needs to make sacrifices to become Savarkar. He was kept in a room only as big as our toilets, in Andaman jail. There was complete darkness. He used to answer nature's call there… pic.twitter.com/3RT6El7Fma
— ANI (@ANI) April 4, 2023
इस लिए सावरकर ने अंग्रेजों को लिखा था पत्र: गौरतलब है कि इससे पहले मुंबई में सोमवार को वीर सावरकर गौरव यात्रा में डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हुए थे. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि आपने कहा कि वीर सावरकर ने माफी मांगी और अंग्रेजों को पत्र लिखा. फडनवीस ने कहा कि सावरकर ने एक पत्र इसलिए लिखा क्योंकि उन्हें पता था कि अंग्रेज उन्हें रिहा नहीं करेंगे. तो उन्होंने लिखा, मुझे (सावरकर) रिहा मत करो बल्कि अन्य कैदियों को रिहा करो जिन्होंने तुम्हारे (अंग्रेजों) खिलाफ कुछ नहीं किया.
Also Read: Karnataka Election 2023: कर्नाटक में अबकी बार किसकी सरकार! JD(S) ने गठबंधन से किया इनकार
सभी करते थे सावरकर का सम्मान: अपने बयान में फडणवीस ने यह भी कहा कि जो सोने का चम्मच लेकर जन्मे हो वो वीर सावरकर की बात कर रहे है. उन्होंने कहा कि आपकी पार्टी के नेता भी वीर सावरकर का सम्मान करते थे. फडणवीस ने कहा कि इंदिरा गांधी भी सावरकर का सम्मान करती थीं. उन्होंने राहुल से सवाल करते हुए कहा कि आप कहते हैं कि कौन थे सावरकर. बीजेपी नेताओं का कहना है कि सावरकर बनने का मतलब ही है देशप्रेम.
क्या था राहुल गांधी का बयान: गौरतलब है कि मोदी सरनेम विवाद में सूरत कोर्ट ने राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई थी. जिसके बाद लोकसभा ने राहुल गांधी की सदस्यता रद्द कर दी थी. इसी दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल ने का था कि मेरा नाम सावरकर नहीं है, मैं गांधी हूं. मैं किसी से माफी नहीं मांगूंगा. इस बयान को लेकर बीजेपी लगातार कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला कर रही है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










