हरियाणा के हथिनी कुंड से पानी छोड़ने के कारण दिल्ली में ऊफान मार रही यमुना, प्रशासन ने खाली कराया इलाका
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 12 Aug 2022 1:19 PM
ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद दिल्ली में यमुना नदी 204.5 मीटर के साथ चेतावनी स्तर के करीब बह रही है और शनिवार सुबह तक नदी के 205.33 मीटर के खतरे के निशान को पार करने की आशंका है. दिल्ली बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने गुरुवार की रात को यह चेतावनी जारी की.
नई दिल्ली : हरियाणा में भारी बारिश के बाद यमुना नगर स्थित हथिनीकुंड बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने की वजह से दिल्ली में यमुना नदी उफान मार रही है. दिल्ली बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, गुरुवार की देर रात को हथिनी कुंड से बारिश का पानी छोड़े जाने की वजह से शुक्रवार को यमुना नदी का जलस्तर 204.5 मीटर तक खतरे के निशान तक बढ़ गया है. केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के मुताबिक, शनिवार की सुबह तक यमुना नदी का जलस्तर 205.33 मीटर के खतरे के निशान को पार कर सकता है. इसके साथ ही, दिल्ली सरकार की ओर से यमुना नदी के किनारे बसे इलाकों को खाली करने का निर्देश दे दिया गया है, ताकि जान-माल की सुरक्षा की जा सके.
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद दिल्ली में यमुना नदी 204.5 मीटर के साथ चेतावनी स्तर के करीब बह रही है और शनिवार सुबह तक नदी के 205.33 मीटर के खतरे के निशान को पार करने की आशंका है. दिल्ली बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने गुरुवार की रात को यह चेतावनी जारी की. केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के मुताबिक, शनिवार सुबह नदी का जलस्तर खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार कर सकता है. बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, पुराने रेलवे पुल पर सुबह आठ बजे जलस्तर 203.86 मीटर था और बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे यह 204.29 मीटर दर्ज किया गया था.
दिल्ली में बाढ़ की चेतावनी तब घोषित की जाती है, जब यमुना नगर स्थित हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा एक लाख क्यूसेक को पार कर जाती है. एक अधिकारी ने कहा कि इसी के साथ डूब क्षेत्र और बाढ़ संभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाता है. बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा गुरुवार को जारी चेतावनी में सभी सेक्टर अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी रखने और नदी तटबंधों के निकट रहने वाले लोगों को चेतावनी देने के लिए आवश्यक संख्या में त्वरित कार्रवाई बलों की तैनाती जैसे संवेदनशील बिंदुओं पर आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है. निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने 34 नावों और सचल पंपों को तैनात किया है.
दिल्ली बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने गुरुवार को दोपहर तीन बजे हरियाणा के यमुनानगर जिले के हथिनीकुंड बैराज से करीब 2.21 लाख क्यूसेक और आधी रात को करीब 1.55 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना दी. एक क्यूसेक पानी 28.32 लीटर प्रति सेकंड के बराबर होता है. आमतौर पर हथिनीकुंड बैराज में प्रवाह दर 352 क्यूसेक होती है, लेकिन जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद पानी का बहाव बढ़ जाता है. बैराज से छोड़े गए पानी को राजधानी पहुंचने में आमतौर पर दो से तीन दिन लगते हैं.
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उधर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, बुधवार को उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हुई. प्रशासन स्थिति पर कड़ी नज़र रखे हुए है, क्योंकि क्षेत्र में और बारिश होने की संभावना है. पिछले साल 30 जुलाई को यमुना खतरे के निशान को पार कर गई थी और पुराने रेलवे पुल का जलस्तर 205.59 मीटर तक पहुंच गया था.
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