महा-बहस के बीच महिला आरक्षण कानून लागू, सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 17 Apr 2026 6:41 AM
लोकसभा की तस्वीर (Photo: PTI)
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करने वाला महिला आरक्षण अधिनियम 2023 गुरुवार (16 अप्रैल) से लागू हो गया.
केंद्रीय विधि मंत्रालय (कानून मंत्रालय) द्वारा जारी एक अधिसूचना (नोटिफिकेशन) में 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की जानकारी दी गई. हालांकि, यह तुरंत पता नहीं चल पाया है कि संसद में इस कानून में संशोधन करने और इसे 2029 में लागू करने पर जारी चर्चा के बीच 2023 के अधिनियम को 16 अप्रैल से प्रभावी क्यों अधिसूचित किया गया. कानून को लागू करने के संबंध में एक अधिकारी ने ‘तकनीकी खामियों’ का हवाला दिया, लेकिन इसके बारे में विस्तार से नहीं बताया.
अधिकारी ने कहा कि हालांकि अधिनियम लागू हो चुका है, लेकिन मौजूदा सदन में आरक्षण को क्रियान्वित नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि इसे अगली जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही क्रियान्वित (लागू करना या अमल करना) किया जा सकता है.
अधिसूचना में क्या कहा गया
अधिसूचना के अनुसार, संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार एतद्द्वारा 16 अप्रैल, 2026 को वह तारीख घोषित करती है जिस दिन से उक्त अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे.
संसद ने पारित किया था ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’
सितंबर 2023 में, संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है, जो विधायी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीट आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है. 2023 के कानून के तहत, आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया के पूरा होने से जुड़ा हुआ है.
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लोकसभा में तीन विधेयकों पर चर्चा
लोकसभा में वर्तमान में जिन तीन विधेयकों पर चर्चा हो रही है, उन्हें सरकार द्वारा इसलिए लाया गया ताकि 2029 में महिला आरक्षण लागू किया जा सके.
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By Amitabh Kumar
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