महिला आरक्षण बिल: प्रियंका गांधी का अमित शाह पर तंज, कहा- अगर चाणक्य होते तो वो भी चौंक जाते

Published by : Pritish Sahay Updated At : 16 Apr 2026 8:06 PM

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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, फोेटो- पीटीआई

Women Reservation Bill: संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी अपनी बात कही. उन्होंने आरोप लगाया कि सदन में चर्चा असल में महिला आरक्षण पर केंद्रित नहीं है. इसके पीछे राजनीतिक रणनीति और चालाकी काम कर रही है. उन्होंने मांग की है कि जाति जनगणना के बिना परिसीमन नहीं होना चाहिए.

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Women Reservation Bill: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण पर गुरुवार (16 अप्रैल 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन का इस्तेमाल अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए कर रहे हैं. केंद्र सरकार महिलाओं को राजनीति में एक साधन की तरह इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने कहा कि अगर यह विधेयक पारित हो जाता है तो देश में लोकतंत्र कमजोर हो सकता है. उन्होंने महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा के दौरान यह भी कहा कि महिला आरक्षण को लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों के आधार पर लागू किया जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने मांग की कि जाति जनगणना के बिना परिसीमन नहीं होना चाहिए.

अमित शाह पर कसा तंज, कहा- आपकी कुटिलता से चाणक्य भी चौंक जाते

लोकसभा में प्रियंका गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसते हुए कहा कि अगर चाणक्य आज जिंदा होते तो आपकी राजनीतिक कुटिलता देखकर हैरान रह जाते. उन्होंने कहा कि सदन में हो रही चर्चा सिर्फ महिला आरक्षण विधेयक पर नहीं, बल्कि परिसीमन पर भी है. प्रियंका ने आरोप लगाया कि इसमें राजनीति की बू आ रही है. प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि सरकार यह विधेयक इसलिए ला रही है क्योंकि वह अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को पर्याप्त भागीदारी नहीं देना चाहती.

प्रियंका गांधी ने कहा- ईमानदारी से कदम उठाते तो पूरा सदन करता समर्थन

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि अगर यह विधेयक पारित हो जाता है तो देश में लोकतंत्र खत्म होने जैसा होगा. उन्होंने कहा- अगर प्रधानमंत्री ने यह ऐतिहासिक कदम ईमानदारी से उठाया होता तो पूरा सदन इसका समर्थन करता. पीएम मोदी पर हमला करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा – अगर वो महिलाओं का सम्मान करते तो उनका राजनीतिक इस्तेमाल नहीं करते. यह कदम आपके पद और गरिमा के अनुरूप नहीं है.

अमित शाह ने दिया प्रियंका गांधी को जवाब

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- हमने परिसीमन आयोग अधिनियम में कोई बदलाव नहीं किया है. पूरी तरह आपके कानून को रिपीट किया है. उन्होंने कहा- आपने उस समय (कांग्रेस की सरकार में) इस अधिनियम का इस्तेमाल कर अगर हेरफेर की होगी तो मैं इतना कह सकता हूं कि हम नहीं करेंगे. और कुछ नहीं कह सकता.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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