Kamal Nath: ‘इंदिरा गांधी के तीसरे बेटे’ कमलनाथ कांग्रेस से क्यों हैं नाराज?

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Kamal Nath महाराष्ट्र कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक चव्हाण के बीजेपी में शामिल होने के बाद अब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पार्टी छोड़ने की खबर सुर्खियों में है. शनिवार को मीडिया में दिनभर खबर चली की एमपी कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व सीए कमलनाथ, अपने बेटे नकुलनाथ और अन्य कांग्रेसी नेताओं […]

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Kamal Nath महाराष्ट्र कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक चव्हाण के बीजेपी में शामिल होने के बाद अब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पार्टी छोड़ने की खबर सुर्खियों में है. शनिवार को मीडिया में दिनभर खबर चली की एमपी कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व सीए कमलनाथ, अपने बेटे नकुलनाथ और अन्य कांग्रेसी नेताओं के साथ बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. इस खबर ने राजनीति सरगर्मी बढ़ा दी. कांग्रेस के अंदर भूचाल आ गई. बीजेपी में शामिल होने की खबर के बीच कमलनाथ दिल्ली भी पहुंच चुके हैं. इधर उनके बेटे ने एक्स बायो से पार्टी का नाम हटा लिया है.

कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ कांग्रेस से क्यों हैं नाराज ?

कमलनाथ की कांग्रेस से नाराजगी की कई वजहें बताई जा रही हैं. जिसमें विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना और राज्यसभा चुनाव में उन्हें पार्टी का उम्मीदवार नहीं बनाने को बड़ी वजह बताई जा रही है.

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बीजेपी में शामिल होने की खबर पर क्या बोले कमलनाथ

दिल्ली पहुंचने के बाद कमलनाथ ने बीजेपी में शामिल होने की अटकलों से जुड़े सवालों पर कहा, आप लोग बहुत उत्साहित हो रहे हैं. यह मैं नहीं कह रहा हूं, आप लोग कह रहे हैं. अगर ऐसी कोई बात होगी तो सबसे पहले आप लोगों को जानकारी दूंगा. उन्होंने कहा, मैं उत्साहित नहीं हूं, ना इस तरफ, ना उस तरफ. अगर ऐसी कोई बात होगी तो सबसे पहले आप लोगों को खबर करूंगा.

कांग्रेस ने कमलनाथ के बीजेपी में शामिल होने खबर को किया खारिज

कमलनाथ के भाजपा में शामिल होने की खबरों पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, ये खबरें निराधार हैं. क्या आप सपने में भी सोच सकते हैं कि इंदिरा जी का तीसरा बेटा कांग्रेस छोड़ सकता है…जिनके नेतृत्व में 2 महीने पहले हमने चुनाव लड़ा. जिन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए कांग्रेस के कार्यकर्ता अपना सब कुछ न्योछावर करता रहा, क्या वो कांग्रेस को छोड़कर जा सकते हैं. जीतू पटवारी ने कहा, कमलनाथ, सिंधिया की तरह नहीं हैं. कमलनाथ विचारधारा से कांग्रेसी हैं और वे पद-प्रतिष्ठा के लिए कभी भी अपना मत नहीं बदलते हैं. उन्हें जीवन में सभी पद मिले हैं. वे जा सकते हैं ये सोचना भी मैं सही नहीं मानता हूं.

कमलनाथ के करीबी सज्जन सिंह वर्मा ने किया बड़ा खुलासा

मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ के करीबी और कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कहा, राजनीति में तीन चीजें चलती हैं- सम्मान, अपमान और स्वाभिमान, जब इन पर चोट लगती है तो व्यक्ति अपने फैसले बदल लेता है…जब इतना शीर्ष राजनेता जिसने पिछले 45 वर्षों में कांग्रेस और देश के लिए बहुत कुछ किया है, वह अपनी पार्टी से अलग होने की सोचता है तो इसके पीछे ये तीन कारक काम करते हैं.

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की करारी हार के बाद कमलनाथ को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया

पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के हाथों कांग्रेस की करारी हार के बाद छिंदवाड़ा सीट से मौजूदा विधायक कमलनाथ को मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रमुख के पद से हटा दिया गया था. पिछले साल के अंत में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद से कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी उनके विरोध में हैं. साल 2019 के आम चुनावों में भाजपा ने छिंदवाड़ा को छोड़कर राज्य की 29 लोकसभा सीट में से 28 पर जीत हासिल की थी.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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