अमित मालवीय की विदाई और दीपक म्हस्के की एंट्री के पीछे क्या है वजह? जानिए कौन हैं बीजेपी के नये आईटी हेड
नितिन नबीन और दीपक महस्के
BJP ने अपनी राष्ट्रीय टीम में बड़ा फेरबदल किया है. दीपक म्हस्के को आईटी सेल का प्रमुख बनाया गया है, जो अमित मालवीय की जगह लेंगे. यह बदलाव राजनीति में सोशल मीडिया की बदलती भूमिका के बीच आया है.
भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया है. नई टीम में दीपक म्हस्के को आईटी सेल की जिम्मेदारी दी गई है. दीपक म्हस्के अमित मालवीय की जगह लेंगे. गौरतलब है कि यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब राजनीति में सोशल मीडिया की भूमिका तेजी से बदल रही है और जेन जी के नेतृत्व वाले आंदोलनों ने दिखाया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म अब सिर्फ प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि राजनीतिक असंतोष और आम जनता से कनेक्ट का बड़ा जरिया भी बन चुका है.
कौन हैं दीपक म्हस्के?
अमित मालवीय की जगह अब दीपक म्हस्के को बीजेपी के राष्ट्रीय सोशल मीडिया की जिम्मेदारी दी गई है.
- दीपक म्हस्के छत्तीसगढ़ बीजेपीके संगठन से लंबे समय से जुड़े रहे हैं. पेशे से वे केमिस्ट्री के प्रोफेसर रह चुके हैं और डेटा विश्लेषण के काम से भी जुड़े रहे हैं. खास तौर पर चुनावी आंकड़ों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से जुड़े डेटा को समझने का उन्हें अनुभव है.
- छत्तीसगढ़ बीजेपी के आईटी संगठन में म्हस्के पहले काम कर चुके हैं. 2018 में वे पार्टी के राज्य आईटी सेल के समन्वयक थे. उस दौरान सोशल मीडिया स्वयंसेवकों को ट्रेनिंग देने और अलग-अलग इलाकों में व्हाट्सऐप समूहों का नेटवर्क तैयार करने पर काम किया गया था.
यानी म्हस्के के पास सोशल मीडिया के साथ संगठन और डेटा तीनों का अनुभव है. यही बात उनकी नियुक्ति को खास बनाती है.
भाजपा की नई रणनीति में म्हस्के क्यों हो सकते हैं अहम?
- दीपक म्हस्के की नई भूमिका को समझना दिलचस्प हो जाता है. अमित मालवीय के दौर में बीजेपी की डिजिटल रणनीति में तेज प्रतिक्रिया और आक्रामक नैरेटिव पर जोर रहा. वहीं, म्हस्के की पहचान डेटा और संगठन से जुड़े काम को लेकर रही है.
- इसका मतलब यह हो सकता है कि बीजेपी अब सिर्फ यह देखने पर जोर नहीं देगी कि क्या पोस्ट करना है, बल्कि यह भी समझना चाहेगी कि किस इलाके में, किस उम्र के लोगों के बीच और किस मुद्दे पर क्या असर हो रहा है.
- जेन जी की राजनीति में मीम, छोटे वीडियो, व्यंग्य और वायरल कंटेंट की बड़ी भूमिका है. इसलिए बीजेपी के सामने चुनौती अब अपनी बात पहुंचाने के साथ-साथ युवाओं की ऑनलाइन सोच और बदलते मूड को समझने की भी है.
हालांकि, म्हस्के की नियुक्ति को सीधे जेन जी आंदोलनों की प्रतिक्रिया कहना अभी सही नहीं होगा. बीजेपी ने ऐसा कोई कारण नहीं बताया है. लेकिन इतना जरूर है कि बदलती डिजिटल राजनीति ने बीजेपी की रणनीति के सामने नई चुनौती खड़ी की है. म्हस्के की नियुक्ति इसी बदलते दौर के हिसाब से संगठन को तैयार करने की कोशिश हो सकती है.
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11 साल बाद अमित मालवीय की भूमिका बदली
- अमित मालवीय करीब 11 साल तक बीजेपी की डिजिटल रणनीति का अहम चेहरा रहे. उनके दौर में पार्टी ने सोशल मीडिया पर अपनी पकड़ काफी मजबूत की.
- किसी मुद्दे पर तुरंत प्रतिक्रिया देना, नैरेटिव सामने रखना और उसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना, मालवीय की डिजिटल रणनीति का हिस्सा रहा.
- मालवीय के नेतृत्व में बूथ और स्थानीय स्तर के कार्यकर्ताओं को जोड़ने के लिए सोशल मीडिया जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा.
- मालवीय की पहचान एक आक्रामक डिजिटल रणनीतिकार के तौर पर रही. वे विपक्ष के हमलों का तुरंत जवाब देने और सोशल मीडिया पर बीजेपी का पक्ष मजबूती से रखने के लिए जाने जाते रहे.
यह बदलाव पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन की नई राष्ट्रीय टीम में किए गए बड़े संगठनात्मक फेरबदल का हिस्सा है.
GEN Z के दौर में बीजेपी की बदल रही डिजिटल रणनीति
- बीजेपी ने अमित मालवीय की जगह दीपक म्हस्के को जिम्मेदारी देने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर कई सोशल मीडिया सह-समन्वयक भी नियुक्त किए हैं. इसका संकेत है कि पार्टी अपने डिजिटल नेटवर्क को और मजबूत करने के साथ उसे अलग-अलग स्तरों तक फैलाना चाहती है.
- दरअसल, राजनीति में सोशल मीडिया का तरीका अब काफी बदल गया है. कुछ साल पहले तक एक्स या फेसबुक पर पोस्ट डालना और उसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना डिजिटल कैंपेन का बड़ा हिस्सा था. अब तस्वीर बदल गई है. इंस्टाग्राम रील, यूट्यूब वीडियो, मीम, व्हाट्सऐप समूह और अलग-अलग स्थानीय डिजिटल समुदाय लोगों की राय बनाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं.
- ऐसे में पार्टियों के लिए चुनौती सिर्फ यह नहीं रह गई है कि क्या संदेश देना है, बल्कि यह भी है कि किस प्लेटफॉर्म पर, किस इलाके के लोगों तक और किस अंदाज में पहुंचाना है. बीजेपी का यह बदलाव इसी बदलती डिजिटल राजनीति के हिसाब से अपनी मशीनरी को नए सिरे से तैयार करने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है.
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By गौतम कुमार
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