Chhangur Baba: छांगुर बाबा कभी मांगता था भीख, देखते-देखते खड़ा कर लिया करोड़ों का काला साम्राज्य
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 09 Jul 2025 9:22 PM
Chhangur Baba
Chhangur Baba: धर्मांतरण रैकेट का सरगना छांगुर बाबा के बारे में बताया जाता है कि वो कभी भीख मांगता था. उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के रेहरा माफी गांव का रहने वाला छांगुर बाबा देखते-देखते करोड़ों की संपत्ति बना ली. बाबा को धर्मांतरण, विदेशी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है. अब उसके अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू हो चुकी है.
Chhangur Baba: जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा 2010 से पहले साइकिल पर गली-गली घूमकर अंगूठी बेचा करता था और टोना-टोटका किया करता था. धीरे-धीरे वो झाड़-फूंक कर बीमारियों को ठीक करने का दावा करता था और लोगों को अपनी जाल में फंसाता था. उसने अपने साम्राज्य को बढ़ाना शुरू किया और देखते-देखते करोड़ों रुपये की संपत्ति का मालिक बन गया. बाबा को हाल ही में उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते ने गिरफ्तार किया था. इसके अलावा नवीन उर्फ जमालुद्दीन और महबूब (जो जलालुद्दीन का बेटा है) को 8 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था.
प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करता था छांगुर बाबा
पुलिस के बयान में कहा गया है, “गरीब, असहाय मजदूरों, कमजोर वर्गों और विधवा महिलाओं को प्रलोभन, आर्थिक मदद, शादी के वादे या धमकी देकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया.”
विदेशी फंडिंग से करोड़ों की कमाई
छांगुर बाबा को धर्मांतरण के लिए विदेशी फंडिंग होती थी. उसने धर्मांतरण के लिए जाति आधारित रकम तय की थी. जांच में पाया गया कि छांगुर बाता और उसके अन्य सहयोगियों के 40 से अधिक बैंक खातों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की लेन-देन हुई है. उसे खाड़ी देशों से भी फंडिंग होती थी.
सरकारी जमीन पर कब्जा
अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडे ने बताया कि शिकायत मिली थी कि मध्यपुर गांव में जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा ने सरकारी जमीन हड़प ली है और जांच में यह बात सच पाई गई. बाबा ने सरकारी जमीन पर आलीशान कोठी बनवाई थी. जिसमें करीब 20 कमरे थे. बाबा लग्जरी लाइफ जीता था. उसके पास लग्जरी गाड़ियां, शोरूम हैं. फिलहाल पुलिस ने उसके अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है.
5 जुलाई को एटीएस ने बाबा को उसके सहयोगियों के साथ किया था गिरफ्तार
शनिवार 5 जुलाई को उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते ने छांगुर बाबा को उसके सहयोगी के साथ गिरफ्तार किया था. छांगुर बाबा और सह-आरोपी नीतू उर्फ नसरीन बलरामपुर जिले के मधपुर के निवासी हैं. छांगुर बाबा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50,000 रुपये का नकद इनाम घोषित किया था.
सीएम योगी ने कहा था बाबा की गतिविधियां न केवल असामाजिक हैं, बल्कि राष्ट्रविरोधी भी हैं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा था कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि जलालुद्दीन की गतिविधियाँ न केवल असामाजिक हैं, बल्कि राष्ट्रविरोधी भी हैं. लखनऊ के गोमतीनगर स्थित एक पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामले में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने लोगों का धर्म परिवर्तन कराने के लिए संगठित तरीके से काम किया और हिंदुओं तथा गैर मुस्लिम समुदायों के लोगों का इस्लाम में धर्मांतरण कराया.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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