West Bengal SIR: ममता बनर्जी ने SIR को बताया खतरनाक, CEC को लिखा पत्र

Published by : Pritish Sahay Updated At : 20 Nov 2025 5:54 PM

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Mamata Banerjee

West Bengal SIR: बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर पश्चिन बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार  को पत्र लिखा है. ममता ने लिखा कि  राज्य में मतदाता SIR की मौजूदा प्रक्रिया अनियोजित और जबरन तरीके से चलाई जा रही है. ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कई बार अपनी चिंता जाहिर की हैं. अब स्थिति  काफी बिगड़ जाने के कारण उन्हें मजबूर होकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त को यह पत्र लिखना पड़ा है.

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West Bengal SIR: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर एसआईआर को अनियोजित और दबाव डालने वाला कहा है. सीएम ममता ने आरोप लगाया कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की मौजूदा प्रक्रिया ‘अनियोजित और जबरन’ तरीके से चलाई जा रही है, जो नागरिकों और अधिकारियों दोनों को जोखिम में डाल रहा है. उन्होंने यह भी दावा किया कि यह विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया चिंताजनक और खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है. सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कई बार अपनी चिंता जाहिर की हैं. अब स्थिति  काफी बिगड़ जाने के कारण उन्हें मजबूर होकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त को यह पत्र लिखना पड़ा है.

‘पत्र लिखने को मजबूर हूं’- सीएम ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लिखा “…मैं आपको लिखने के लिए मजबूर हूं क्योंकि चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के हालात बहुत ही खतरनाक स्टेज पर पहुंच गए हैं. जिस तरह से यह काम अधिकारियों और नागरिकों पर थोपा जा रहा है, वह न सिर्फ़ बिना प्लान के और अस्त-व्यस्त है, बल्कि खतरनाक भी है. बेसिक तैयारी, सही प्लानिंग या साफ कम्युनिकेशन की कमी ने पहले दिन से ही इस प्रोसेस को कमजोर कर दिया है. ट्रेनिंग में बड़ी कमियां, जरूरी डॉक्यूमेंटेशन पर साफ जानकारी न होना और वोटरों से उनके रोजगार के कामों के बीच मिलना लगभग नामुमकिन होने की वजह से यह काम स्ट्रक्चर के हिसाब से ठीक नहीं है. मैं आपसे रिक्वेस्ट करूंगी कि आप इस काम को रोकने के लिए मजबूती से दखल दें, जबरदस्ती के तरीके बंद करें, सही ट्रेनिंग और सपोर्ट दें, और मौजूदा तरीके और टाइमलाइन का अच्छी तरह से फिर से आकलन करें. अगर इस रास्ते को बिना देर किए ठीक नहीं किया गया, तो सिस्टम, अधिकारियों और नागरिकों के लिए इसके नतीजे ऐसे होंगे जिन्हें बदला नहीं जा सकता. यह दखल न सिर्फ़ जरूरी है बल्कि चुनावी प्रोसेस और हमारे डेमोक्रेटिक ढांचे की ईमानदारी को बचाने के लिए बहुत जरूरी भी है.”

 
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) की यह प्रक्रिया लोगों पर थोपी जा रही है. बिना किसी बुनियादी तैयारी या पर्याप्त योजना के काम किया जा रहा है. सीएम ममता ने पत्र में लिखा “यह प्रक्रिया जिस तरह अधिकारियों और नागरिकों पर थोपी जा रही है, वह न केवल अनियोजित और अव्यवस्थित है, बल्कि खतरनाक भी है. बुनियादी तैयारी, पर्याप्त योजना और स्पष्ट संचार के अभाव ने पहले दिन से ही पूरे अभियान को पंगु बना दिया है.”  उन्होंने कहा प्रशिक्षण में गंभीर खामियां, अनिवार्य दस्तावेजों को लेकर कुछ भी साफ नहीं है. ममता बनर्जी ने कहा कि एसआईआर की पूरी कवायद संरचनात्मक रूप से कमजोर हो गयी है.

महिला बीएलओ की मौत का दिया हवाला

ममता बनर्जी ने कहा कि एसआईआर में कुप्रबंधन के कारण लोगों की जान जा रही है. उन्होंने जलपाईगुड़ी में बूथ-स्तरीय अधिकारी के रूप में तैनात एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत का भी हवाला दिया है. सीएम ममता ने कहा कि उन्होंने आत्महत्या की “बताया जा रहा है कि वह एसआईआर से जुड़ी बेहद दबावपूर्ण परिस्थितियों के कारण मानसिक रूप से टूट गई थीं”. उन्होंने कहा “इस प्रक्रिया की शुरुआत के बाद से कई अन्य लोगों ने भी अपनी जान गंवाई है.” ममता बनर्जी ने कहा “ऐसे हालात में, मैं तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की कड़ी अपील करती हूं और इसकी अपेक्षा भी रखती हूं.”

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Pritish Sahay

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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