एपस्टीन विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट का एक्शन, हरदीप पुरी की बेटी पर आपत्तिजनक कंटेंट ब्लॉक करने का आदेश
दिल्ली हाई कोर्ट (File Photo PTI)
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार (17 मार्च) को आदेश दिया कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी को जेफ्री एपस्टीन से जोड़ने वाले आपत्तिजनक कंटेंट को हटाया जाए. जानें पुरी ने कोर्ट से और क्या मांग की.
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी को जेफ्री एप्स्टीन से जोड़ने वाली सोशल मीडिया कंटेंट को 24 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया है. पुरी की बेटी को एपस्टीन से जोड़ने वाली पोस्ट पर कोर्ट ने रोक लगा दी है. अब कोई भी सोशल मीडिया यूजर ऐसा कंटेंट न तो पोस्ट कर सकेगा और न ही उसे शेयर कर पाएगा.
barandbench.com ने एक खबर प्रकाशित की है. इसमें बताया गया है कि कोर्ट ने साफ किया है कि अभी सोशल मीडिया पर कंटेंट हटाने का आदेश सिर्फ भारत में अपलोड और दिख रहे पोस्ट तक ही सीमित रहेगा. वहीं, पुरी ने मांग की है कि इस कंटेंट को पूरी दुनिया में ब्लॉक किया जाए.
जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने क्या कहा?
जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने आदेश दिया कि जिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और यूजर्स ने यह कंटेंट पोस्ट किया है, वे इसे एक दिन के अंदर हटा दें. इसमें “जॉन डो” यानी जिन लोगों की पहचान अभी पता नहीं है, उन्हें भी यह निर्देश लागू होगा.
आदेश सिर्फ भारत में दिख रहे कंटेंट पर लागू
बेंच ने कहा कि अगर पोस्ट डालने वाले लोग खुद कंटेंट नहीं हटाते, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म उसे ब्लॉक कर देंगे. हालांकि कोर्ट ने साफ किया कि यह आदेश फिलहाल सिर्फ भारत में अपलोड और दिख रहे कंटेंट पर ही लागू होगा. अभी पूरी दुनिया में कंटेंट ब्लॉक करने का कोई आदेश नहीं दिया गया है.
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हरदीप सिंह पुरी की बेटी ने कोर्ट से क्या मांग की थी
हरदीप सिंह पुरी की बेटी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. उन्होंने कहा है कि सोशल मीडिया पर उन्हें जेफ्री एपस्टीन से जोड़कर झूठी और बदनाम करने वाली बातें फैलाई जा रही हैं. उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि ऐसे सभी पोस्ट हटाए जाएं. साथ ही 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की थी, और कई संस्थाओं पर इस तरह का कंटेंट फैलाने से रोक लगाने की अपील की थी.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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