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पीएम मोदी का नारा- देश नहीं झुकने देंगे, आप नेता राघव चड्ढा बोले, हमारा नारा देशवासियों को नहीं मरने देंगे

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
AAP नेता राघव चड्ढा
AAP नेता राघव चड्ढा
फाइल फोटो

AAP West Bengal Election 2021 आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और विधायक राघव चड्ढा ने कहा कि भाजपा बंगाल चुनाव जीतने के लिए ‘ना दूरी ना दवाई, बस वोट के लिए ढिलाई ही ढिलाई’ नारे की तर्ज पर प्रचार कर रही है. इसको तत्काल बंद किया जाना चाहिए. प्रधानमंत्री का नारा है कि देश नहीं झुकने देंगे, जबकि हमारा नारा होना चाहिए देशवासियों को नहीं मरने देंगे. उन्होंने कहा कि भाजपा जवाब दे कि अगर 2-4 चुनाव जीत भी लिए तो उससे क्या फर्क पड़ जाएगा? महामारी से लोग मर जाएंगे और देश नहीं बचेगा. चुनाव आएंगे-जाएंगे, सरकारें बनेंगी-बिगड़ेंगी, लेकिन लोगों की जिंदगी वापस नहीं आएगी. भाजपा चुनाव पर ज्यादा ध्यान दे रही है और कोरोना प्रबंधन पर नहीं दे रही है.

आप के वरिष्ठ नेता और विधायक राघव चड्ढा ने कहा कि भाजपा के लिए क्या महत्वपूर्ण है चुनाव प्रबंधन और कोरोना प्रबंधन? भारत के लोग इस बात से चिंतित हैं कि केंद्र सरकार किस तरह से कोरोना का प्रबंधन कर रही है. उसी समय भाजपा बंगाल चुनाव में वोट कैसे हासिल किए जाएं, इसको लेकर चितिंत है. पिछले 10 दिनों में जिस गति से कोरोना संक्रमण-मौत का आंकड़ा बढ़ा है, उससे ज्यादा रफ्तार से बंगाल में भाजपा की रैलियों की रफ्तार बढ़ती गई है. कोरोना के देश में रोजाना 2 लाख से अधिक मामले आ रहे हैं, जबकि भाजपा बंगाल चुनाव में जनसैलाब वाली रैलियां करने में व्यस्त हैं. भाजपा का चुनाव जीतना और वोट बटोरना एकमात्र मकसद है.

आप विधायक ने हमला जारी रखते हुए आगे कहा कि भारत के लोगों के जीवन से कोई लेना-देना नहीं है. भाजपा के लोग बंगाल में तो डबल इंजन की सरकार का वादा कर रहे हैं, लेकिन कोरोना वायरस प्रबंधन के लिए सिंगल इंजन भी अभी तक नहीं दिया. भाजपा की केंद्र सरकार ने महामारी से लोगों को बचाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर थाली बाजना, ताली बाजना और टीका उत्सव मनाया है.

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक राघव चड्ढा ने पार्टी मुख्यालय में रविवार को प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए साथ ही कहा कि आम आदमी पार्टी इस महामारी के कठिन दौर में लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा में हर तरह से लगी हुई है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार, एक-एक कार्यकर्ता, विधायक और मंत्री हर संभव प्रयास कर रहे हैं. लेकिन, बेहद दुर्भाग्यपूर्ण दृश्य इस देश में नजर आ रहा है. जहां एक तरफ महामारी से हजारों मौत हो रही हैं और लाखों लोग रोजाना संक्रमित हो रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ बंगाल-असम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री सहित उनके बड़े नेता ताबड़तोड़ रोड शो और रैलियां करने में व्यस्त हैं. एक तरफ कोरोना वायरस सिस्टम के प्रबंधन की बात करते हैं, दूसरी तरफ प्रधानमंत्री-गृहमंत्री सहित पूरी भारतीय जनता पार्टी चुनाव प्रबंधन में व्यस्त है. ऐसा नजर आ रहा है जैसे कोरोना वायरस प्रबंधन से कहीं ज्यादा भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री के लिए चुनाव प्रबंधन जरूरी है.

राघव चड्ढा ने कहा कि मैं आपको सिलसिलेवार तरीके से बताता हूं कि किस प्रकार से पिछले 10 दिनों में मौत और संक्रमण का आंकड़ा बढ़ा है और उससे ज्यादा रफ्तार से बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारकों, प्रधानमंत्री-गृहमंत्री की रैलियां और रोड शो की रफ्तार बढ़ती गई है. 6 अप्रैल 2021 को देशभर में 1.15 लाख मामले आए और 630 मौतें हुईं. इस दौरान प्रधानमंत्री ने पश्चिमी बंगाल में दो रैलियां की. 7 अप्रैल 2021 को कोरोना वायरस के 1.26 लाख मामले आए, जबकि 684 लोगों ने महामारी से अपनी जान गंवायी. इस दौरान गृहमंत्री ने पश्चिमी बंगाल में चार रैलियां की हैं.

8 अप्रैल को 1.31 लाख मामले आए, उस दिन भी भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारकों ने ताबड़तोड़ रैलियां कर वोट मांगा. 9 अप्रैल 2021 को 1.44 लाख कोरोना के नए मामले सामने आए, जबकि 750 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवा दी. इस दौरान गृहमंत्री ने पश्चिमी बंगाल में डोर टू डोर अभियान चलाया और रोड शो किया. इसके अलावा प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया. 11 अप्रैल को 1.70 लाख नए मामले सामने आए, जबकि देशभर में 900 मौत हुईं. गृहमंत्री ने उस दिन जनसैलाब वाली 6 रैलियों को संबोधित किया. 12 अप्रैल को 1.60 कोरोना के मामले आए और 880 मौतें हुईं. इस दिन पश्चिमी बंगाल में प्रधानमंत्री ने तीन और गृह मंत्री ने चार बड़ी रैलियां की.

13 अप्रैल 2021 को 1.85 लाख कोरोना के मामले आए और 1026 लोगों की मौत हो गई. इस दौरान गृह मंत्री ने पश्चिम बंगाल में चार बड़ी रैलियां की हैं. भारत में 16 अप्रैल को 2.34 लाख नए कोरोना संक्रमण के मामले आए और लगभग 1350 मौत हुईं. इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारकों ने जनसैलाब वाली चार विशाल रैलियों को संबोधित किया. भारत में 17 अप्रैल को कोरोना के 2 लाख 61 हजार 500 नए मामले सामने आए हैं. इसके अलावा 15 लोगों की जान चली गई है. जबकि, प्रधानमंत्री दो और गृह मंत्री ने तीन विशाल रैलियों को संबोधित किया. कोरोना का 18 अप्रैल का आंकड़ा शाम को आएगा कि कितने लाख लोग संक्रमित हुए हैं. जबकि, पश्चिमी बंगाल में आज गृहमंत्री की 4 विशाल रैलियां हैं.

राघव चड्ढा ने कहा कि एक बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति हम सब लोगों के सामने है. देश की जनता ने भारतीय जनता पार्टी को वोट देकर इतने बड़े बहुमत से चुना ताकि हमारी रक्षा करेंगे. हमारे स्वास्थ्य की रक्षा करेंगे और देखभाल करेंगे. जबकि, आज यह नजर आता है कि बीजेपी के लिए सिर्फ और सिर्फ चुनाव और वोट बटोरना महत्वपूर्ण है. लोगों की चिंता से उनका कोई लेना देना नहीं है. भाजपा के लोग बंगाल में तो डबल इंजन की सरकार का वादा कर रहे हैं, लेकिन कोरोना वायरस प्रबंधन के लिए सिंगल इंजन भी अभी तक नहीं दिया है. पश्चिमी बंगाल में डबल इंजन की बात होती है लेकिन कोरोना वायरस के लिए केंद्र में बैठी हुई नरेंद्र मोदी सरकार सिंगल इंजन भी नहीं दे पायी है.

उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने थाली पीटना, ताली बजाना, टीका उत्सव मनाने की अपील की थी. जिन लोगों ने आपके एक कहने पर अपनी भागीदारी दर्ज कराई वह लोग भी आज अपने परिवार वालों को चिता देने के लिए लकड़ी का इंतजाम करते हुए नजर आ रहे हैं. देश की जनता परेशान है. जिंदगियां हार कर भी भाजपा ने अगर 2-4 चुनाव जीत लिए भी तो उससे क्या फर्क पड़ जाएगा. लोग तो मर जाएंगे। यह देश नहीं बचेगा और देश वाले नहीं बचेंगे.

राघव चड्ढा ने कहा कि मैं लोगों से भी आज कहना चाहूंगा कि चुनाव आएंगे,चुनाव जाएंगे. सरकारें बनेंगी और सरकारें बिगड़ेंगी, लेकिन देश का आम आदमी बचना चाहिए. इस देश का आम आदमी जीना चाहिए. मैं आज यह नारा नहीं कह रहा जो प्रधानमंत्री कहते थे कि देश नहीं झुकने देंगे. मैं आज कह रहा हूं कि हमारा नारा होना चाहिए कि देशवासियों को नहीं मरने देंगे. उन्हें मरने से बचाना है. उन्हें अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं देनी है. हर भारतवासी अपेक्षा करता है कि प्रधानमंत्री-गृहमंत्री अपना चुनावी प्रबंधन छोड़कर कोरोना वायरस प्रबंधन पर ध्यान दें.

चुनाव प्रबंधन कम भी होगा तो भी देश जीवित रहेगा. अगर कोरोना वायरस प्रबंधन फेल हो गया तो देश जीवित नहीं रहेगा. मैं आज सीधे तौर पर गृहमंत्री, प्रधानमंत्री और पूरी भारतीय जनता पार्टी को कहना चाहता हूं की आप सब कोरोना की इस महामारी की लड़ाई में देशवासियों का साथ दें. जनसैलाब वाली रैलियों के जरिए सुपर स्प्रेडर इवेंट आयोजित किए जा रहे हैं. यह देशवासियों के मन में कई बड़े सवाल खड़े करता है कि क्या आज केंद्र में बैठी सरकार को देशवासियों की रत्ती भर भी चिंता नहीं है. जहां संक्रमण की दर रोजाना बढ़ती नजर आ रही है, उसी हिसाब से प्रधानमंत्री, गृहमंत्री की चुनावी रैलियों की दर भी बढ़ती नजर आ रही है.

यह लोग कर रहे हैं कि कोरोना के संक्रमण की दर ज्यादा तेज है या इनकी चुनावी रैलियों के बढ़ने की दर ज्यादा तेज है. मैं आज यह साफ तौर पर कहना चाहूंगा कि आपने जो नारा दिया ना दूरी ना दवाई, बस वोट के लिए ढिलाई ही दिलाई, इसको बंद करें. देश की जनता की सेवा में जुटें. चुनाव आएंगे और चुनाव जाएंगे, लेकिन जिंदगियों को बचाना जरूरी है. भारतीय जनता पार्टी वालों से कहना चाहता हूं कि जिंदगियां हार कर चुनाव जीत भी लिया तो क्या चुनाव जीता.

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