Viral Video: जब अपने आप चलने लगी सीढ़ी और व्हीलचेयर, दहशत में लोग, जानें क्या है सच
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 27 Aug 2023 1:21 PM
इंसानों की तरह चलती सीढ़ी के वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह उत्तराखंड के एक अस्पताल का है. इसे उत्तराखंड के बेस अस्पताल का बताया जा रहा है. हालांकि अस्पताल ने इस वीडियो के बेस अस्पताल का होने का खंडन किया है.
सोशल मीडिया में एक वीडियो इस समय तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें एक सीढ़ी को आप अपने आप चलते देख सकते हैं. वहीं एक और वीडियो को भी वायरल किया जा रहा है, जिसमें एक व्हीलचेयर भी अपने आप चलती दिख रही है. इन दोनों वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे किये जा रहे हैं. इसको लेकर लोगों में दहशत का भी माहौल है. लोग इन दोनों वीडियो को भूत-प्रेत से भी जोड़कर देख रहे हैं. तो आखिरी इस वायरल वीडियो का सच क्या है.
वायरल वीडियो में क्या है खास
सोशल मीडिया में जो पहला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. उसमें एक सीढ़ी अपने आप चलती नजर आ रही है. सीढ़ी इंसानों की तरह आगे बढ़ रही है. जबकि दूसरे वीडियो में एक व्हीलचेयर अपने आप पीछे की ओर चल रही है.
सीढ़ी चलने वाले वीडियो को उत्तराखंड के एक अस्पताल का बताया जा रहा
इंसानों की तरह चलती सीढ़ी के वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह उत्तराखंड के एक अस्पताल का है. इसे उत्तराखंड के बेस अस्पताल का बताया जा रहा है. हालांकि अस्पताल ने इस वीडियो के बेस अस्पताल का होने का खंडन किया है. बेस अस्पताल के प्रभारी डॉ अमित सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया, सीढ़ी चलने वाला वीडियो फेक है. उन्होंने बताया, टेक्नो वर्ल्ड में इस तरह के वीडियो एडिटिंग करना बहुत आसान हैं. जबकि दूसरा वीडियो जिसमें एक व्हीलचेयर अपने आप चल रहा है, वह बेस अस्पताल उत्तराखंड का ही है. इसकी पुष्टि खुद बेस अस्पताल के प्रभारी डॉ अमित सिंह ने की है. लेकिन उन्होंने इसे भी फेक वीडियो बताया. उन्होंने कहा, किसी ने ढलान पर चेयर को छोड़कर वीडियो बनाया होगा और इसे वायरल कर दिया होगा.
Who is moving this ladder ? pic.twitter.com/G4n7MvCh1p
— Mumbeye (@AmitavaSumat) August 23, 2023
झारखंड हाई कोर्ट से जोड़कर वीडियो किये जा रहे वायरल
सीढ़ी चलने वाले वीडियो को झारखंड से भी जोड़ा जा रहा है. जिसमें इसे हाई कोर्ट का बताया जा रहा है. वीडियो शेयर करने के साथ दावा किया जा रहा है कि कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है. यहां हम आपको बता देना चाहते हैं कि यह वीडियो फेक है और झारखंड हाई कोर्ट का नहीं है. मालूम हो इसी साल झारखंड के हाई कोर्ट को नये भवन में शिफ्ट किया गया है.
साइंस की भाषा में इसे पैसिव डायनेमिक वॉक कहते हैं
सीढ़ी के खुद चलने वाले वीडियो के पीछे कोई भूत-प्रेत नहीं है. बल्कि इसके पीछे साइंस है. इसे साइंस की भाषा में पैसिव डायनेमिक वॉक कहा जाता है. जिसमें किसी भी ऑब्जेक्ट को अगर एक बार धक्का दे दिया जाए तो वह अपने आप चलने लगता है. बीच में कहीं भी दोबारा उसे धक्का देने की जरूरत नहीं है. इसके लिए ढलान वाली जमीन की जरुरत होती है. दरअसल ये न्यूटन के इनर्शिया लॉ पर काम करता है. जिसमें बताया गया है कि यदि कोई वस्तु स्थिर हैं तो वह स्थिर ही रहेगी तथा गतिशील है तो नियत वेग से गतिशील ही रहेगी जब तक उस पर कोई बाह्य बल कार्य नहीं करता है. इसे जड़त्व का नियम भी कहते हैं.
वीडियो बनाते पकड़े जाने पर होगी सख्त कार्रवाई
बेस अस्पताल के प्रभारी डॉ अमित सिंह ने वीडियो को लेकर कहा, इस बारे में जांच की जा रही है और अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे की पड़ताल की जा रही है. अब तक वीडियो बनाते हुए कोई पकड़ में नहीं आया है. उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा, अगर भविष्य में अस्पताल या अस्पताल परिसर में ऐसे वीडियो बनाता हुए कोई पाया गया, तो उसके खिलाड़ी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










