'वंदे मातरम्' का अपमान करने वालों की खैर नहीं; मानसून सत्र के पहले ही दिन कानून लाएंगे गृह मंत्री अमित शाह

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, फोटो एक्स

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, फोटो एक्स

Parliament Monsoon Session: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 20 जुलाई को सत्र के पहले दिन 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971' में और संशोधन करने के लिए एक विशेष विधेयक संसद में पेश करेंगे. इस नए कानून के जरिए राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' का अपमान करने या इसके गायन में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और इसे दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है.

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Parliament Monsoon Session: 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने वाले इस मानसून सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए रविवार को सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई. तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (UBT) में हुई बगावत के मामलों को लेकर पूरे विपक्ष ने बैठक से कुछ देर के लिए वॉकआउट किया.

बैठक में विपक्ष ने इन विषयों को उठाया

बैठक अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी, सोनम वांगचुक के अनशन, विदेश नीति, पेपर लीक और कुछ अन्य विषयों को विपक्ष द्वारा उठाया गया. समाजवादी पार्टी ने घोषणा की है कि वह राम मंदिर चढ़ावा मामले को संसद में पुरजोर तरीके से उठाएगा. सरकार ने कुछ नए विधेयकों की घोषणा की है जिन्हें आगामी मानसून सत्र के दौरान लोकसभा या राज्यसभा में पेश किया जाएगा.


किस बात को लेकर विपक्ष ने जताया विरोध

विपक्ष का कड़ा विरोध इस बात पर था कि लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष अंतिम फैसला लंबित होने के बावजूद, टीएमसी के 20 बागी सांसदों के नए गुट 'नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) को बैठक में क्यों आमंत्रित किया गया. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसे 'मोदी सरकार का तानाशाही फैसला' बताते हुए विरोध दर्ज कराया, वहीं शिवसेना (UBT) के अरविंद सावंत ने बागी सांसदों को मान्यता देने पर सवाल उठाए.

सरकार इन विधेयकों को करेगी पेश

राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 : यह विधेयक 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971' में संशोधन के लिए लाया जा रहा है. इसके माध्यम से सरकार हमारे राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के सम्मान को कानूनी रूप से और मजबूत करना चाहती है. इस विधेयक में प्रावधान है- यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रीय गीत का अपमान करता है या इसके गायन में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न करता है, तो उसे दंडनीय अपराध माना जाएगा.

जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 : यह विधेयक देश में जन्म और मृत्यु के आंकड़ों को अधिक सटीक और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से लाया जा रहा है. इसका मुख्य लक्ष्य जन्म और मृत्यु के देर से होने वाले पंजीकरण पर लगाम लगाना है. इस विधेयक का प्रावधान है, इसके तहत विलंबित पंजीकरण से जुड़े नियमों और कानूनी प्रावधानों को पहले से कहीं अधिक सख्त बनाया जाएगा.

आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 : यह विधेयक पहले से जारी एक अध्यादेश (Ordinance) को स्थाई कानून का रूप देने के लिए लाया जा रहा है. इसका उद्देश्य भारत सरकार की प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी संस्थागत या व्यक्तिगत निवेशकों को आकर्षित करना. इस विधेयक के तहत सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों को मिलने वाली कर छूट के प्रावधानों को औपचारिक और स्थाई रूप दिया जाएगा.

बैठक में कौन-कौन थे शामिल?

बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू, कांग्रेस नेता जयराम रमेश, प्रमोद तिवारी और कोडिकुनिल सुरेश, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव और कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए.


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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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