UP ATS: यूपी में ISI लिंक वाले दो आतंकी गिरफ्तार, VIP लोगों पर ग्रेनेड हमले की साजिश नाकाम
यूपी से आतंकी गिरफ्तार (Photo: UP POLICE @Uppolice )
UP ATS: उत्तर प्रदेश एटीएस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है. वे पाकिस्तानी गैंगस्टरों और आईएसआई के लिए काम कर रहे थे. जांच में इनके आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं.
UP ATS: गिरफ्तार लोगों पर आरोप है कि वे पाकिस्तानी अपराधियों, कट्टरपंथियों और आईएसआई के इशारे पर भारतीय युवाओं को गुमराह कर रहे थे. उन्हें आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश कर रहे थे. एजेंसी अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है. एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि एटीएस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के कहने पर भारत में इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से युवकों के ‘स्लीपर सेल’ बनाने और आतंकवादी गतिविधियों के लिये उकसाने की कोशिश सम्बन्धी खुफिया सूचना की जांच शुरू की थी.
उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के इशारे पर गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट और कुछ कट्टरपंथी यूट्यूबर्स सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं को भड़काने की कोशिश कर रहे थे. उन्हें कट्टरपंथ की ओर धकेलकर और पैसों का लालच देकर देश की शांति और सद्भाव बिगाड़ने की साजिश रची जा रही थी.
बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे आतंकी
यश ने बताया कि आरोपी भारतीय युवाओं को संवेदनशील जगहों की रेकी करने और उनके निर्देश पर आतंकी हमले करने के लिए उकसा रहे थे. साथ ही, मुस्लिम धर्म छोड़ चुके कुछ लोगों को आधुनिक हथियारों से निशाना बनाने की साजिश भी रची जा रही थी. जांच में सामने आया कि मेरठ के तुषार चौहान उर्फ हिज्बुल्ला अली खान और दिल्ली के समीर खान इस नेटवर्क के प्रभाव में आकर पाकिस्तानी अपराधियों शहजाद भट्टी और आबिद जट के सीधे संपर्क में थे. दोनों किसी बड़ी और खतरनाक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे.
इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर से जुड़ा तुषार
एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस ने कहा कि एटीएस की एक टीम ने गुरुवार (23 अप्रैल) को तुषार चौहान और समीर खान को नोएडा से गिरफ्तार किया. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक पिस्तौल, पांच कारतूस और एक चाकू बरामद हुआ है. यश के मुताबिक शुरुआती पूछताछ में तुषार ने बताया है कि वह इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट से जुड़ा था. बाद में वॉइस वीडियो पीटीटी (पुश टू टॉक) कॉलिंग के जरिये उसकी उनसे बात भी होने लगी थी.
Uttar Pradesh: Two terrorists working for Pakistani gangsters and ISI arrested by the UP Anti-Terror Squad (ATS). pic.twitter.com/WeymRyv1Ia
— Press Trust of India (@PTI_News) April 24, 2026
यश के मुताबिक तुषार ने बताया कि गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने उसे कुछ लोगों (VIP) को निशाना बनाकर उनके घरों पर हथगोले फेंकने और हत्या करने को कहा था. इसके लिए उसे अत्याधुनिक हथियार भी देने की तैयारी की जा रही थी. तुषार ने बताया कि शहजाद भट्टी ने उसको अपने साथी आबिद जट से संपर्क कराने और निशाने पर लिये जाने वाले व्यक्ति के बारे में बताने की बात कही थी. इस काम को करने के लिये पहले 50 हजार रुपये और काम होने के बाद ढाई लाख रुपये देने का लालच दिया था और कहा था कि पासपोर्ट बनवाकर उसे दुबई के रास्ते पाकिस्तान बुलवा लिया जाएगा.
आईएसआई एजेंट की ओर से भी टार्गेट दिए जाने की बात की गई थी
यश के मुताबिक शहजाद भट्टी ने तुषार को बताया था कि उसे आईएसआई एजेंट मेजर हमीद, मेजर इकबाल और मेजर अनवर की ओर से भी टार्गेट दिए जाएंगे. जांच में यह भी सामने आया कि समीर खान सोशल मीडिया के जरिए भट्टी से जुड़ा था और उसे दीवारों पर ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ लिखने और नए लोगों को जोड़ने का काम सौंपा गया था.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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