Unemployment: विपक्ष शासित राज्यों में हैं अधिक बेरोजगारी: धर्मेंद्र प्रधान

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Dharmendra Pradhan

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जुलाई 2023 से जून 2024 के दौरान पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) के बेरोजगारी को लेकर दिए आंकड़ों को लेकर विपक्षी शासित राज्यों पर निशाना साधा. प्रधान ने कहा कि सर्वे से साफ जाहिर होता है कि विपक्षी शासित राज्य बेरोजगारी रोकने में पूरी तरह विफल रहे हैं.

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Unemployment: बेरोजगारी के मुद्दे पर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमला करता रहा है. विपक्षी दलों की ओर से लोकसभा चुनाव में भी बेरोजगारी को बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश की गयी. अब विधानसभा चुनाव में भी विपक्ष इसी मुद्दे पर केंद्र सरकार को लगातार घेरने की कवायद में जुटा है. लेकिन अब केंद्र सरकार बेरोजगारी के मुद्दे पर विपक्ष पर हमलावर है. गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जुलाई 2023 से जून 2024 के दौरान 

पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) के बेरोजगारी को लेकर दिए आंकड़ों को लेकर विपक्षी शासित राज्यों पर निशाना साधा. प्रधान ने कहा कि सर्वे से साफ जाहिर होता है कि विपक्षी शासित राज्य बेरोजगारी रोकने में पूरी तरह विफल रहे हैं. केरल का हवाला देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि वहां 15-29 आयु वर्ग के युवाओं में बेरोजगारी दर 29 फीसदी से अधिक है. अगर लैंगिक आधार पर बेरोजगारी के आंकड़ों पर गौर करें तो इस आयु वर्ग में केरल में 47 फीसदी महिलाएं और 17.8 फीसदी पुरुष बेरोजगार हैं. युवा खासकर महिलाओं को रोजगार देने के मामले में केरल सरकार पूरी तरह नाकाम है और यह युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ करने के समान है. विपक्षी शासित राज्यों में कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के कारण रोजगार के अवसर सीमित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष शासित राज्य चुनावी फायदे के लिए मुफ्त की घोषणाओं का सहारा ले रहे हैं और लोगों के हितों की अनदेखी की जा रही है. 

भाजपा शासित राज्य दीर्घकालीन नीति से बढ़ रहे हैं आगे

शिक्षा मंत्री ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों ने बेहतर आर्थिक प्रबंधन और सशक्त नेतृत्व के जरिए लोगों को रोजगार मुहैया कराने का काम किया है. यही वजह है कि मध्य प्रदेश में बेरोजगारी दर 2.6 फीसदी, गुजरात में 3.3 फीसदी और अन्य राज्यों में राष्ट्रीय औसत से कम है. भाजपा शासित राज्यों ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए आर्थिक नीतियों को लागू किया. यही कारण है कि भाजपा शासित राज्यों में वित्तीय संकट नहीं है और युवाओं को रोजगार के मौके मिल रहे हैं. भाजपा की प्राथमिकता युवाओं को सशक्त बनाने और रोजगार मुहैया कराने की रही है, जबकि विपक्ष सिर्फ लुभावने वादे कर सत्ता में आने की कोशिश में लगा रहता है. मुफ्त की घोषणाओं के कारण कई राज्यों की वित्तीय स्थिति चरमरा गयी है और विकास के काम ठप पर गए हैं. 

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Anjani Kumar Singh

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