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Tribal: जनजातीय समुदाय की आजीविका को बढ़ावा देने की पहल

Updated at : 19 Feb 2025 6:36 PM (IST)
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Tribal: जनजातीय समुदाय की आजीविका को बढ़ावा देने की पहल

आदिवासी कला, संस्कृति और उत्पादों की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निजी कंपनियों से भी सहयोग लिया जा रहा है. जनजातीय समुदायों के लिए व्यापार से उपभोक्ता (बी2सी) से व्यापार से व्यापार (बी2बी) को बढ़ाने के लिए भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ लिमिटेड (ट्राइफेड) ने मीशो, भारतीय पाक कला संघों के महासंघ (आईएफसीए) और महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगीकरण संस्थान (एमजीआईआरआई) के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है.

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Tribal:जनजातीय समुदाय की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार कौशल विकास के साथ स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है. आदिवासी कला, संस्कृति और उत्पादों की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निजी कंपनियों से भी सहयोग लिया जा रहा है. जनजातीय समुदायों के लिए व्यापार से उपभोक्ता (बी2सी) से व्यापार से व्यापार (बी2बी) को बढ़ाने भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ लिमिटेड (ट्राइफेड) ने मीशो, भारतीय पाक कला संघों के महासंघ (आईएफसीए) और महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगीकरण संस्थान (एमजीआईआरआई) के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है. दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 16 से 24 फरवरी 2025 तक चलने वाले ‘आदि महोत्सव’ के दौरान समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया. 

जनजातीय उत्पादों को ऑनलाइन बाजार होगा मुहैया

यह समझौता जनजातीय उत्पाद के बाजार पर पहुंच सुनिश्चित करने में मददगार साबित होगा. मीशो के साथ समझौते का मकसद जनजातीय उत्पादों को एक ऑनलाइन बाजार मंच मुहैया कराने के साथ ही जनजातीय आपूर्तिकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण का विकास करना है. आईएफसीए अपने प्रौद्योगिकी मंच के जरिये से पाककला पेशेवरों और होटल श्रृंखलाओं के साथ दीर्घकालिक सहयोग स्थापित करने में सहायता करेगा और इससे आदिवासी खानपान को एक नयी पहचान मिलेगी. वहीं एमजीआईआरआई ने कारीगरों के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण करने के लिए ज्ञान भागीदार के रूप में भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ (ट्राइफेड) के साथ भागीदारी की है.

आदिवासी समाज के सामाजिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

देश के आदिवासी समुदाय के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए आदिवासी उत्पाद और खानपान को एक बड़ा मंच मुहैया कराने के लिए सरकार निजी कंपनियों के साथ ही सरकारी संगठनों का सहयोग ले रही है. इस काम को ट्राइफेड आगे बढ़ा रहा है. इस बाबत ही एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया है. इस दौरान ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक आशीष चटर्जी मौजूद रहे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 16 फरवरी, 2025 को केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम, जनजातीय मामलों के राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके, सांसद बांसुरी स्वराज की उपस्थिति में इस महोत्सव का उद्घाटन किया था. 

जनजातीय समुदाय के आर्थिक विकास के लिए काम

ट्राइफेड भारत सरकार के जनजातीय मामलों के मंत्रालय के तहत एक संगठन है, जो जनजातीय उत्पादों के विपणन विकास के माध्यम से जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास का काम करता है. ट्राइफेड बड़े महानगरों और राज्य की राजधानियों में जनजातीय कुशल शिल्पकारों और महिलाओं को सीधे बाजार तक पहुंच प्रदान करने के लिए आदि महोत्सव राष्ट्रीय जनजातीय महोत्सव का आयोजन कर रहा है. महोत्सव का विषय उद्यमिता, जनजातीय शिल्प, संस्कृति, भोजन और वाणिज्य की भावना का उत्सव है. मीशो एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है. वहीं इंडियन फेडरेशन ऑफ कलिनरी एसोसिएशन (आईएफसीए) एक पेशेवर संगठन है जो भारत में पाक कला के विकास और प्रचार के लिए समर्पित है. 

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Anjani Kumar Singh

लेखक के बारे में

By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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