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Tribal: आदिवासी समाज के विकास के लिए आदिवासी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री के साथ किया संवाद

Updated at : 19 Dec 2025 6:41 PM (IST)
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Tribal: आदिवासी समाज के विकास के लिए आदिवासी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री के साथ किया संवाद

आदिवासियों के विकास के लिए सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने जनजातीय समुदाय से जुड़े सांसदों और मंत्रियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की. इस बैठक का मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनजातीय समुदायों के समग्र विकास को गति देने के लिए निर्वाचित जनजातीय नेतृत्व के सामूहिक संकल्प को आगे बढ़ाना है.

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Tribal: देश के आदिवासियों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए केंद्र सरकार कई योजना को संचालित कर रही है. आदिवासियों के विकास के लिए सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने जनजातीय समुदाय से जुड़े सांसदों और मंत्रियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की. इस बैठक का मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनजातीय समुदायों के समग्र विकास को गति देने के लिए निर्वाचित जनजातीय नेतृत्व के सामूहिक संकल्प को आगे बढ़ाना है. 

इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह संवाद आदिवासी नागरिकों के समावेशन, सशक्तिकरण और गरिमा के प्रति सांसदों-मंत्रियों की साझा जिम्मेदारी और एकीकृत दृष्टिकोण को दर्शाता है. मोदी सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया. आदिवासी सांसद न केवल नीतिगत बल्कि कल्याणकारी पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन और समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. 


केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री-जनमन , धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय और वन अधिकार अधिनियम कार्यक्रम के सशक्तिकरण को लेकर रोडमैप पेश किया. इन योजनाओं का मकसद सामूहिक रूप से सघन विकास के जरिये आदिवासी और पीवीटीजी बहुल क्षेत्रों में बदलाव लाना है. आवास, पेयजल, विद्युतीकरण, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, आजीविका और सांस्कृतिक संरक्षण में हुई महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर जोर दिया. 

आदिवासी समुदाय का समग्र विकास करना है मकसद

केंद्र सरकार की ओर से आदिवासी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा, सिकल सेल रोग का उन्मूलन, वन धन पहलों के जरिये आजीविका के अवसरों का विस्तार और वन अधिकारों की मान्यता के लिए सामुदायिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है. आदिवासी सांसदों और मंत्रियों के साथ संवाद का मकसद केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में आदिवासी सांसदों के सामूहिक प्रयास को सशक्त बनाना है ताकि देश भर में आदिवासी समुदायों के लिए समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और सतत विकास सुनिश्चित हो सके. 


इस संवाद में जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, मध्य प्रदेश के धार की सांसद सावित्री ठाकुर, दमन और दीव के सांसद पटेल उमेश भाई बाबू भाई, झारखंड के सांसद सुखदेव भगत, राजस्थान के सांसद राजकुमार रोत, पश्चिम बंगाल के सांसद मनोज तिग्गा, असम के सांसद अमरसिंग तिस्सो, ओडिशा के सांसद प्रदीप पुरोहित, बलभद्र माझी, नाबा चरण माझी, मालविका देवी और अन्य आदिवासी समुदाय के सांसद मौजूद रहे. इसके अलावा जनजातीय कार्य सचिव रंजना चोपड़ा, संयुक्त सचिव अनंत प्रकाश पांडे, अपर सचिव मनीष ठाकुर, आयुक्त एनईएसटीएस अजीत कुमार श्रीवास्तव और अन्य प्रमुख अधिकारी भी मौजूद रहे. 


इस दौरान नीति, राजनीतिक इच्छाशक्ति और जमीनी स्तर की समझ का एक दुर्लभ संगम देखने को मिला, जिसमें आदिवासी सांसदों ने क्रियान्वयन का मार्गदर्शन करने, समन्वय को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया. इस सामूहिक प्रयास का मकसद आदिवासी समुदायों के लिए समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और गरिमा के प्रति संसद की प्रतिबद्धता को सुनिश्चित करना है. 

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Vinay Tiwari

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By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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