Tirupati Prasadam: तिरुपति मंदिर के प्रसाद में मिलावट, प्रसादम में मछली तेल की पुष्टि, चंद्रबाबू ने लगाया था आरोप

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Tirupati Laddu Row

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Tirupati Prasadam: तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर मंदिर में जो प्रसाद भोग के रूप में चढ़ाया जाता है, उसमें मिलावट की पुष्टि हुई है. टेस्ट रिपोर्ट में मछली तेल इस्तेमाल होने का दावा किया गया है.

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Tirupati Prasadam: तिरुपति मंदिर के प्रसाद को लेकर जो रिपोर्ट सामने आई है, उसमें बताया गया है कि घी में मछली का तेल इस्तेमाल होता आया है. तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम से भेजे गए नमूनों को टेस्ट लिए गुजरात में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड को भेजा गया था. टीडीपी प्रवक्ता अनम वेंकट रमना रेड्डी ने कहा, नमूनों की लैब रिपोर्ट प्रमाणित करती है कि तिरुमाला को आपूर्ति किए गए घी को तैयार करने में गोमांस की चर्बी और पशु वसा – लार्ड और मछली के तेल का उपयोग किया गया था और साथ ही एस मान केवल 19.7 है.

सीएम चंद्रबाबू नायडू ने लगाया था आरोप

प्रसादम में मिलावट का आरोप आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने लगाया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि राज्य की पिछली युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार ने विश्व प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर में लड्डू बनाने में घटिया सामग्री और पशु चर्बी का इस्तेमाल किया था. नायडू ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) विधायक दल की एक बैठक को संबोधित करते हुए दावा किया था कि तिरुमला लड्डू भी घटिया सामग्री से बनाया गया था. उन्होंने घी की जगह पशु चर्बी का इस्तेमाल किया था. मुख्यमंत्री नायडू ने हालांकि कहा कि अब शुद्ध घी का उपयोग किया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता में सुधार हुआ है.

Tirupati Prasadam: वेंकटेश्वर मंदिर में तिरुपति लड्डू चढ़ाया जाता है

तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर मंदिर में तिरुपति लड्डू चढ़ाया जाता है. मंदिर का संचालन तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) करता है.

विहिप ने कार्रवाई की मांग की

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने प्रसिद्ध तिरुपति लड्डू बनाने में पशु चर्बी के इस्तेमाल को लेकर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के आरोप को गंभीर मुद्दा करार देते हुए मामले में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसन ने एक बयान में कहा, आंध्र प्रदेश की पिछली वाईएसआर सरकार के हिंदू विरोधी कृत्यों के बारे में सभी जानते हैं, लेकिन किसी ने यह उम्मीद नहीं की थी कि यह इस स्तर तक गिर जाएगी. उन्होंने कहा, यह एक बहुत गंभीर मुद्दा है, जिसे किसी और ने नहीं बल्कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने उठाया है. तिरुपति लड्डू प्रसादम में पशु चर्बी का इस्तेमाल करने वालों को दंडित किया जाना चाहिए.

जगन मोहन रेड्डी की पार्टी ने आरोपों से किया था इनकार

मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के आरोपों से जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआरसी पार्टी ने इनकार किया है. युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू पर यह दावा करने के लिए निशाना साधा कि पिछली सरकार के दौरान तिरुपति के प्रसाद के लड्डू बनाने में पशु चर्बी का इस्तेमाल किया गया था और कहा कि इससे देवता का अपमान हुआ है और भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंची है. पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस गन मोहन रेड्डी की बहन और राज्य कांग्रेस प्रमुख वाईएस. शर्मिला ने नायडू के दावे की पुष्टि के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग की. उन्होंने तिरुपति लड्डू की तैयारी को लेकर ‘घृणित राजनीति’ करने के लिए मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी पर हमला बोला.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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