ePaper

तारिक हमीद कर्रा को जम्मू कश्मीर में कांग्रेस की कमान, चुनाव की घोषणा के साथ एक्शन में आए खरगे

Updated at : 17 Aug 2024 7:19 AM (IST)
विज्ञापन
Mallikarjun Kharge

Mallikarjun Kharge

Congress: जम्मू कश्मीर में चुनाव की घोषणा के साथ ही कांग्रेस रेस में आ गयी है. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तत्काल प्रभाव से तारिक हमीद कर्रा को जम्मू-कश्मीर पीसीसी का अध्यक्ष और तारा चंद और रमन भल्ला को जम्मू-कश्मीर पीसीसी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है.

विज्ञापन

Congress: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तारिक हमीद कर्रा को जम्मू-कश्मीर पीसीसी का अध्यक्ष और तारा चंद और रमन भल्ला को जम्मू-कश्मीर पीसीसी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है. खरगे ने तत्काल प्रभाव से यह नियुक्ति की है. वहीं बालासाहेब थोराट को सदस्य और मो. आरिफ नसीम खान को तत्काल प्रभाव से कांग्रेस कार्य समिति का विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त किया गया. जबकि सैयद मुजफ्फर हुसैन को महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. बता दें, शुक्रवार को चुनाव आयोग की ओर से जम्मू कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा के बाद कांग्रेस यह नियुक्ति की है.

केशव महतो कमलेश को झारखंड की कमान
इसी कड़ी में केशव महतो कमलेश को झारखंड कांग्रेस की कमान सौंपी गयी है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तत्काल प्रभाव से केशव महतो कमलेश को झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है.कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केशव महतो कमलेश को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है.

कांग्रेस का जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में बदलाव का दावा
इससे पहले कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनावों की तिथियों की घोषणा के बाद शुक्रवार को इन दोनों राज्यों में बदलाव का दावा किया है. कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए कमर कस लें. मुख्य विपक्षी दल ने कहा कि संवैधानिक संशोधन के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में उपराज्यपाल की शक्तियां बढ़ाए जाने से निर्वाचित सरकार की शक्तियां मजाक बनकर रह जाएंगी.

खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट किया कि कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में चुनाव की घोषणा का स्वागत करती है. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव कराने के लिए एक समय सीमा तय की थी और हमने मांग की थी कि संवैधानिक अधिकारों को सुरक्षित करने और नौकरशाही की ओर से शासित तंत्र पर पूर्ण विराम लगाने के लिए जल्द से जल्द चुनाव होने चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर के राज्य प्रशासन को नियंत्रित करना चाहती है. इसलिए बीते जुलाई महीने में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 55 के तहत नियमों में संशोधन करके उपराज्यपाल को अधिक शक्तियां दे दी. भाषा इनपुट के साथ

Also Read: जम्मू-कश्मीर में 3 और हरियाणा में एक फेज में होंगे विधानसभा चुनाव, 4 अक्टूबर को रिजल्ट

Kolkata Doctor Murder Case: पटना IGIMS के डॉक्टर्स ने किया प्रदर्शन, देखें वीडियो

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola