Swati Maliwal Case: हाई कोर्ट ने बिभव कुमार की जमानत याचिका पर पुलिस से जवाब मांगा

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 14 Jun 2024 12:43 PM

विज्ञापन

Swati Maliwal assault case/ file photo

Swati Maliwal Case: दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पीएम बिभव कुमार की जमानत याचिका पर पुलिस से जवाब मांगा है.

विज्ञापन

Swati Maliwal Case : राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट के मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई. मामले पर कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार की जमानत याचिका पर पुलिस से जवाब मांगा है. आपको बता दें कि ट्रायल कोर्ट उनकी दो जमानत याचिकाएं पहले खारिज कर चुका है.

उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी यानी ‘आप’ की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से कथित मारपीट के मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार ने नियमित जमानत के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. जमानत याचिका को 14 जून को यानी आज कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था. बिभव कुमार को 31 मई को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. उनपर 13 मई को मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर मालीवाल से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है.

Read Also : Swati Maliwal: ‘मेरे साथ जो हुआ वो बहुत बुरा था’, स्वाति मालीवाल का छलका दर्द, BJP से कर दी खास गुजारिश

निचली अदालत ने नहीं दी जमानत

मारपीट के आरोपी बिभव कुमार को तीस हजारी की एक निचली अदालत ने सात जून को जमानत देने से इंकार कर दिया था. अदालत ने यह कहते हुए कुमार को जमानत देने से इनकार कर दिया था कि वह ‘गंभीर और संगीन’ आरोपों का सामना कर रहे हैं. ऐसी आशंका है कि वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं.

हाई कोर्ट के सामने क्या दी गई दलील

दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष दाखिल अपनी याचिका में बिभव कुमार ने कहा कि निचली अदालत इस तथ्य पर विचार करने में विफल रही कि उनकी आगे की हिरासत की जारूरत नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि जांच अधिकारी द्वारा सभी सबूत एकत्र किए गए हैं और गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं.

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola