रणदीप सुरजेवाला का भाजपा पर हमला, 13,000 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा हो गया बंद

इंटरपोल की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस भगोड़ों के खिलाफ जारी किया जाता है और इसे दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुरोध के रूप में माना जाता है, ताकि प्रत्यर्पण, आत्मसमर्पण या इसी तरह की कानूनी कार्रवाई के लिए भागे हुए व्यक्ति का पता लगाया जा सके और उसे अस्थायी रूप से गिरफ्तार किया जा सके.
नई दिल्ली : भारत के भगोड़े आभूषण कारोबारी और पंजाब नेशनल बैंक घोटाला (पीएनबी घोटाला) मामले के आरोपी मेहुल चोकसी का नाम इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस वाली सूची से हटा लिये जाने के बाद देश की राजनीति गरमा गई है. इस मामले को लेकर कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मंगलवार को भाजपा की अगुआई वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 13,000 करोड़ रुपये का पीएनबी घोटाले की फाइल अब बंद हो गई.
ट्वीटर पर उन्होंने कहा कि मेहुल चोकसी इंटरपोल की रेड कॉर्नर नोटिस की सूची से हआने में विफल रहने से मोदी सरकार ने भारत को लाल चेहरा दिया. 13,000 करोड़ रुपये का पीएनबी घोटाला अब ‘अब हमारे भाई मेहुल’ के लिए बंद! लोगों का पैसा नाले में बह गया. उन्होंने लिखा कि विपक्षी नेताओं के लिए ईडी और सीबीआई का लाइनअप, लेकिन मेहुल चोकसी के लिए लाइफलाइन!
क्यों जारी होता है रेड कॉर्नर नोटिस
उधर, मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने इस घटना पर टिप्पणी की और उन्होंने कहा कि सच्चाई की जीत हुई है. यह बात दीगर है कि 63 साल का भारत का भगोड़ा पंजाब नेशनल बैंक में 13,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में भारत का वांछित है. इंटरपोल की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस भगोड़ों के खिलाफ जारी किया जाता है और इसे दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुरोध के रूप में माना जाता है, ताकि प्रत्यर्पण, आत्मसमर्पण या इसी तरह की कानूनी कार्रवाई के लिए भागे हुए व्यक्ति का पता लगाया जा सके और उसे अस्थायी रूप से गिरफ्तार किया जा सके.
एंटीगुआ से भाग गया था मेहुल चोकसी
भगोड़ा कारोबारी मेहुल चोकसी 23 मई 2021 को एंटीगुआ से लापता हो गया था और उसके बाद उसे डोमिनिका से गिरफ्तार किया गया था. उस पर डोमिनिका में पुलिस की ओर से अवैध प्रवेश करने का आरोप लगाया गया था.
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




