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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में मामले प्रबंधन के लिए हो रहा है एआई का उपयोग

Updated at : 20 Mar 2025 7:29 PM (IST)
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Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट में भी मामलों के त्वरित निपटान के लिए एआई और मशीन लर्निंग (एमएल) आधारित टूल्स का इस्तेमाल किया जा रहा है. फिलहाल एआई का इस्तेमाल संविधान पीठ के मामलों में मौखिक दलीलों को लिखने में किया जा रहा है. एआई की सहायता से लिखी गई दलीलों को सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट से देखा जा सकता है.

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Supreme Court: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई) का इस्तेमाल हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है. कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, अदालतों और अन्य क्षेत्रों में एआई के इस्तेमाल से व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है. सुप्रीम कोर्ट में भी मामलों के त्वरित निपटान के लिए एआई और मशीन लर्निंग (एमएल) आधारित टूल्स का इस्तेमाल किया जा रहा है. फिलहाल एआई का इस्तेमाल संविधान पीठ के मामलों में मौखिक दलीलों को लिखने में किया जा रहा है. एआई की सहायता से लिखी गई दलीलों को सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर देखा जा सकता है. शीर्ष अदालत के सक्षम प्राधिकारी ने नियमित सुनवाई के दिनों यानी हर गुरुवार को मौखिक दलीलों को लिखने पर विचार करने का निर्देश दिया है. 

यही नहीं शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री भी राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के साथ मिलकर एआई और एमएल आधारित टूल्स का उपयोग कर रही है. इसके प्रयोग से अंग्रेजी भाषा से 18 भारतीय भाषाओं जैसे असमिया, बंगाली, गारो, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, खासी, कोंकणी, मलयाली, मराठी, नेपाली, ओडिया, पंजाबी, संताली, तमिल, तेलुगु और उर्दू में फैसलों का अनुवाद किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट के ईएससीआर पोर्टल पर फैसलों को देखा जा सकता है.


तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए आईआईटी कर रहा है मदद


शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री ने आईआईटी, मद्रास के साथ मिलकर कमियों की पहचान करने के लिए रजिस्ट्री के इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग सॉफ्टवेयर के साथ एकीकृत एआई और एमएल आधारित टूल्स विकसित किया है. हाल ही में 200 एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड को प्रोटोटाइप की पहुंच प्रदान की गई है, ताकि वे इसका उपयोग कर सकें. इसका मकसद न्याय तक आम लोगों की पहुंच और न्याय प्रशासन के अधिकार को मजबूत करने के लिए काम करना है. आईआईटी, मद्रास के सहयोग से कमियों को ठीक करने, डेटा, मेटा डेटा विश्लेषण के लिए एआई और मशीन लर्निंग (एमएल) टूल्स के प्रोटोटाइप का परीक्षण कर रही है.

इस एआई और एमएल आधारित टूल को इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग मॉड्यूल और केस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर को इंटीग्रेटेड केस मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम (आईसीएमआईएस) के साथ एकीकृत किया जाएगा. मौजूदा समय में सुप्रीम कोर्ट के फैसले लेने प्रक्रिया में किसी भी एआई और एमएल आधारित टूल्स का उपयोग नहीं किया जा रहा है. केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय में (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री एवं संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने यह जानकारी गुरुवार को राज्य सभा में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी. 

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Vinay Tiwari

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By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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