EVM and VVPAT: सुप्रीम कोर्ट ने वीवीपैट मामले पर सुनवाई करते हुए आज दोपहर को चुनाव आयोग के अधिकारी को किया तलब

Published by : Pritish Sahay Updated At : 24 Apr 2024 12:01 PM

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Supreme Court | ANI, X

EVM and VVPAT: ईवीएम और वीवीपैट मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा है. बता दें, ईवीएम और वीवीपैट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाकर की गई थी. जिसमें याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि ईवीएम और VVPAT में लगने वाली चिप को प्रोग्राम किया जा सकता है. मशीनों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है.

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EVM and VVPAT: ईवीएम-वीवीपैट सत्यापन मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कुछ स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही चुनाव आयोग से कहा है कि अपने अधिकारी को दोपहर 2 बजे कोर्ट में उपस्थित करें. कोर्ट ने उनके कुछ सवालों के जवाब देने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कुछ पहलुओं पर स्पष्टीकरण की जरूरत है. क्योंकि ईवीएम से जुड़े प्रश्नों पर चुनाव आयोग ने जो उत्तर दिए हैं उन्हें लेकर कुछ भ्रम है.

कोर्ट ने सुरक्षित रख लिया था फैसला

बता दें, इस मामले में दाखिल याचिका में सौ फीसदी वीवीपैट वेरिफिकेशन की मांग की गई थी. 18 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने मामले की सुनवाई की थी और को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग के अधिकारियों से भी ईवीएम (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) की कार्यप्रणाली और सुरक्षा पर जानकारी ली थी. हालांकि आयोग ने कोर्ट से कहा था कि ईवीएम पूरी तरह से सुरक्षित है और उसमे छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है.

चिप के जरिए छेड़खानी का जताया गया था शक

गौरतलब है कि इससे पहले मामले पर 16 अप्रैल को भी इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने दलील देते हुए कहा था कि ईवीएम और VVPAT में लगने वाली चिप को प्रोग्राम किया जा सकता है. मशीनों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. इसपर कोर्ट ने कहा कि भारत में चुनावी प्रक्रिया एक बहुत बड़ा काम है. तंत्र को कमजोर करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस बात का भी जिक्र किया कि कैसे चुनाव परिणामों में हेरफेर करने के लिए मतपत्र के दौर में मतदान केंद्रों को कब्जा लिया जाता था.

वीवीपैट होता क्या है जानें

वीवीपैट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के एक अधिकारी को कोर्ट तलब किया है. कोर्ट ने वीवीपैट से संबंधित कुछ और जानकारी की मांग की है. बता दें, वीवीपैट स्वतंत्र रूप से वोट का सत्यापन करने की एक प्रणाली है. इसके जरिये वोटर यह देखने में सक्षम हो पाता है कि उसने जो वाट दिया वो उसी उम्मीदवार को गया या नही. इस प्रणाली में एक मशीन लगी रहती है जिससे कागज की पर्ची निकलती है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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