1. home Home
  2. national
  3. sonia gandhi will select the new cm of punjab many congress leaders including navjot singh sidhu are in the race for chief minister vwt

अंबिका सोनी बन सकती हैं पंजाब की नई सीएम! आज होने वाली विधायक दल की बैठक रद्द

शनिवार की देर रात तक पंजाब कांग्रेस में चले मंथन के बाद पार्टी की ओर से अंबिका सोनी के नाम पर सहमति जताई गई.

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी.
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी.
फाइल फोटो.

चंडीगढ़ : कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबिका सोनी पंजाब की नई मुख्यमंत्री बन सकती हैं. शनिवार की देर रात तक पंजाब कांग्रेस में पार्टी के नेताओं के मंथन के बाद उनके नाम पर नेताओं ने अपनी सहमति जाहिर की है. समाचार चैनल आज तक के अनुसार, हालांकि अंबिका सोनी ने पंजाब की मुख्यमंत्री बनने से फिलहाल इनकार कर दिया है.

सूत्रों के हवाले से आज तक की खबर के अनुसार, अंबिका सोनी ने पंजाब में पार्टी में आपसी गुटबाजी को देखते हुए मुख्यमंत्री का पद ग्रहण करने से इनकार कर दिया है. उनका कहना है कि पंजाब में सिख समुदाय से जुड़े किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाया जाए, तो बेहतर होगा. खबर के अनुसार, पंजाब के मुख्यमंत्री पद पाने की होड़ में पंजाब कांग्रेस के वर्तमान अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ सबसे आगे चल रहे हैं.

विधायक दल की बैठक में सोनिया गांधी को किया गया अधिकृत

पंजाब के कांग्रेसी विधायकों ने सूबे का नया कप्तान चुनने की जिम्मेदारी पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंपी है. कैप्टन अमरिंदर सिंह का शनिवार को मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से पंजाब का नया मुख्यमंत्री चुनने के लिए अधिकृत किया गया है. हालांकि, रविवार की सुबह 11 बजे एक बार फिर विधायक दल की बैठक आयोजित की जाएगी.

अंबिका सोनी के अलावा इन नेताओं के नाम पर लग रहीं अटकलें

सूत्रों के अनुसार, नये विधायक दल के नेता के तौर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के अलावा कांग्रेस की पंजाब इकाई के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़, पूर्व मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा और राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा के नाम चर्चा में हैं. उनके अनुसार, इन नामों के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री अम्बिका सोनी, ब्रह्म मोहिंद्रा, विजय इंदर सिंगला, पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कुलजीत सिंह नागरा आदि के नामों की भी चर्चा है.

दो उपमुख्यमंत्री बनाने की चर्चा

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि अगर पार्टी आलाकमान सिद्धू को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला करता है, तो फिर उनके साथ हिंदू और दलित समुदाय से दो उप मुख्यमंत्री या फिर इनमें से एक समुदाय का नेता उप मुख्यमंत्री और दूसरे समुदाय का नेता प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया जा सकता है. वहीं, अमरिंदर सिंह ने सिद्धू के नाम कड़ा विरोध करते हुए उन पर पाकिस्तान के साथ संबंध रखने का आरोप लगाया और कहा कि उनके मुख्यमंत्री बनने से पंजाब का बेड़ा गर्क हो जाएगा.

विधायक दल की बैठक से पहले कैप्टन का इस्तीफा

कांग्रेस विधायक दल की बैठक से कुछ देर पहले अमरिंदर सिंह राजभवन पहुंचे और राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित को अपना और मंत्रिपरिषद का इस्तीफा सौंपा. बाद में राज्यपाल ने उनका और उनकी मंत्रिपरिषद का इस्तीफा स्वीकार कर लिया. इस्तीफा देने के बाद राजभवन के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह अपने साथियों और समर्थकों के साथ बातचीत करने के बाद भविष्य के कदम एवं विकल्प पर फैसला करेंगे.

अमरिंदर ने आलाकमान के पाले में डाला मामला

हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि फिलहाल वह कांग्रेस में हैं. अमरिंदर सिंह ने कहा कि कांग्रेस अलाकमान जिसे चाहे, उसे मुख्यमंत्री बना सकता है. उन्होंने बताया कि मेरा फैसला आज सुबह हो गया था. मैंने कांग्रेस अध्यक्ष से बात की थी और उनसे कह दिया था कि इस्तीफा दे रहा हूं.

मैं अपमानित महसूस कर रहा हूं : अमरिंदर

सिंह के अनुसार, कुछ महीनों में यह तीसरी बार हो रहा है. पहले विधायकों को बुलाया, दूसरी बार बुलाया और तीसरी बार बैठक कर रहे हैं. मैं अपमानित महसूस कर रहा हूं. मेरे ऊपर अगर संदेह है, तो ऐसे में मैंने फैसला किया कि मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया जाए. यह पूछे जाने पर कि उनकी भविष्य की रणनीति क्या होगी और क्या वह भाजपा अथवा किसी दूसरी पार्टी के साथ जाएंगे, तो अमरिंदर सिंह ने कहा कि मेरी 52 साल की राजनीति में जिन लोगों ने मेरा साथ दिया, उनके साथ बातचीत करने के बाद इस बारे में फैसला करूंगा.

इस सवाल पर कि क्या वह नए मुख्यमंत्री को स्वीकार करेंगे, तो उन्होंने कहा कि वह अपने साथियों से चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लेंगे. उन्होंने जोर देकर कहा कि जहां तक मेरी भविष्य की राजनीति का सवाल है, तो एक विकल्प हमेशा रहता है, समय आने पर उस विकल्प को देखूंगा. मैं अपने साथियों से बात करके कोई फैसला करूंगा.

दो पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में प्रस्ताव पारित

उधर, कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षकों अजय माकन और हरीश चौधरी तथा प्रदेश प्रभारी हरीश रावत की मौजूदगी में विधायक दल की बैठक में प्रस्ताव पारित कर नया नेता चुनने के लिए सोनिया गांधी को अधिकृत किया गया. इसके साथ ही, एक और प्रस्ताव पारित कर अमरिंदर सिंह के योगदान की तारीफ की गई और उनका धन्यवाद किया गया.

आलाकमान ही तय करता है विधायक दल का नेता

विधायक दल की बैठक के बाद रावत ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी में यह परंपरा रही है कि कांग्रेस अध्यक्ष को नया नेता चुनने के लिए अधिकृत किया जाए. पंजाब के हमारे विधायक दल ने भी इसी परंपरा का अनुसरण करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष से आग्रह किया कि वह नये नेता का फैसला करें. कांग्रेस अध्यक्ष जिसे भी नेता चुनेंगी, वह सबको स्वीकार होगा.

विधायक दल की बैठक में मौजूद रहे 78 विधायक

माकन ने कहा कि विधायक दल की बैठक में कांग्रेस के कुल 80 में से 78 विधायक मौजूद थे और मुख्यमंत्री के लिए इसमें किसी नाम पर चर्चा नहीं की गई. उन्होंने कहा कि विधायक दल का नेता चुनने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष को अधिकृत करने वाले प्रस्ताव के साथ ही एक प्रस्ताव रखा गया. इसमें हमने अमरिंदर सिंह के योगदान की तारीफ की और उनका धन्यवाद किया. उम्मीद की है कि उनका मार्गदर्शन आगे भी मिलता रहेगा.

50 से ज्यादा विधायकों ने सोनिया को लिखी चिट्ठी

इससे पहले, कांग्रेस के 50 से अधिक विधायकों ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री के पद से हटाने की मांग की थी. इसी पत्र के बाद पार्टी आलाकमान ने विधायक दल की बैठक बुलाने का निर्देश दिया. इस्तीफा देने से पहले, अमरिंदर सिंह ने अपने आवास पर समर्थक विधायकों की बैठक की.

सुनील जाखड़ ने राहुल गांधी पर जताया भरोसा

सूत्रों का कहना है कि करीब 15 विधायकों एवं मंत्रियों ने उनके प्रति अपना समर्थन जताया, जबकि राज्य की 117 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 80 विधायक हैं. बाद उनमें समर्थक विधायक भी विधायक दल की बैठक में शामिल हुए. विधायक दल की इस महत्वपूर्ण बैठक से पहले सुनील जाखड़ ने कहा कि राहुल गांधी ने पार्टी की राज्य इकाई में उलझी हुई गुत्थी को सुलझाने का जो रास्ता अपनाया है, उसने न सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है, बल्कि अकाली दल की बुनियाद हिल गई है.

सिद्धू के फेवर में ट्वीट

सिद्धू के प्रमुख रणनीतिक सलाहकार और भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा ने ट्वीट कर कहा कि साढ़े चार साल के लंबे पीड़ादायी इंतजार के बाद कांग्रेस के मुख्यमंत्री बनने का समय आ गया है. उन्होंने कहा कि आज व्यवस्था को सुधारने का वक्त है. मुस्तफा की पत्नी रजिया सुल्ताना कैप्टन के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री थी.

विधायकों ने सोनिया से की मांग

इससे पहले पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि 50 से अधिक विधायकों ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाया जाए. सूत्रों का यह भी कहना है कि यह संकट ‘गंभीर' है, क्योंकि बहुत सारे विधायकों ने विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले मुख्यमंत्री को बदलने की मांग की है.

विधायकों ने अपने पत्र में सोनिया गांधी ने विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग की. पार्टी आलाकमान ने शनिवार शाम बैठक बुलाने का निर्देश दिया और वरिष्ठ नेताओं अजय माकन और हरीश चौधरी को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया.

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें