Sonbhadra Stone Mine Collapse: सोनभद्र में पत्थर खदान धंसने से कई मजदूर दबे, एक शव बरामद

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सोनभद्र में पत्थर खदान हादसा

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Sonbhadra Stone Mine Collapse: सोनभद्र जिले के ओबरा थाना क्षेत्र के एक खनन क्षेत्र में शनिवार शाम को खदान धंसने की घटना हुई. जहां कई मजदूरों के दबे होने की आशंका है. एक मजदूर का शव बरामद किया गया है. राहत और बचाव कार्य जारी है. मृतक की पहचान ग्राम पनारी (सोनभद्र) निवासी राजू सिंह (30) के रूप में हुई है.

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Sonbhadra Stone Mine Collapse: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में शनिवार को पत्थर की खदान ढहने से कई लोग मलबे में दब गए. फिलहाल एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर हैं. राहत और बचाव कार्य तेज कर दी गई है. जिलाधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि कृष्णा माइंस में एक हिस्सा ढह जाने से वहां कार्यरत कुछ मजदूर मलबे में दब गए हैं. उन्होंने कहा कि मशीनों की मदद से मलबा हटाकर दबे हुए लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है. जिलाधिकारी ने कहा कि मलबे में कितने लोग दबे हैं इसकी सटीक संख्या का फिलहाल पता नहीं लग सका है.

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समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड ने बताया करीब 12 मजदूर मलबे में दबे हैं

अधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा करने के बाद उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री और स्थानीय विधायक संजीव कुमार गोंड ने कहा कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर ढही हुई पत्थर की खदान के मलबे में करीब 12 मजदूरों के दबे होने की आशंका है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फंसे हुए मजदूरों की सही संख्या अभी स्पष्ट नहीं है.

कृष्णा माइनिंग वर्क्स के खदान में पहाड़ी का एक भाग दरकने से हुआ हादसा

सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक वर्मा ने बताया कि शनिवार को शाम साढ़े चार बजे ओबरा थाने को सूचना मिली कि बिल्ली मारकुंडी स्थित ‘कृष्णा माइनिंग वर्क्स’ के खदान में पहाड़ी का एक भाग दरकने से कई मजदूर पत्थर/मलबे में दब गए हैं. उन्होंने कहा कि ओबरा पुलिस दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध पीड़ित परिवारों से शिकायत लेकर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम के गठन का प्रयास कर रही है.

पीड़ित परिवार ने क्या बताया?

जिन दो लोगों के फंसे होने की आशंका है, उनके पिता सोमनाथ कहते हैं, “मेरे दो बेटे फंसे हुए हैं. मेरे तीन बेटे यहां काम करने आए थे. एक ट्रैक्टर चला रहा था, दूसरा कंप्रेसर, और सबसे छोटा बेटा ढलान पर था, जो सुरक्षित है. हमें उन दोनों के बारे में कोई जानकारी मिले चौबीस घंटे हो गए हैं. मैं क्या कहूं, मेरा दिमाग काम नहीं कर रहा है.”

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