17 दिनों से अनशन पर सोनम वांगचुक, 8.5 KG घटा वजन; जानिए अब आगे क्या है CJP का प्लान?

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भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक का चेकअप करती डॉक्टरों की टीम, फोटो पीटीआई

भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक का चेकअप करती डॉक्टरों की टीम, फोटो पीटीआई

CJP Protest: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा अनियमितताओं के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन लगातार जारी है. मंगलवार को इस प्रदर्शन का 25वां दिन रहा, जबकि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 17वें दिन भी जारी है.

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CJP द्वारा जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट आ रही है. अनशन शुरू करने के बाद से उनका वजन 8.5 किलोग्राम कम हो चुका है और उनका ब्लड प्रेशर 109/70 मिमी एचजी दर्ज किया गया है. CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि वांगचुक की मांसपेशियां तेजी से कमजोर हो रही हैं और वह अत्यधिक पीड़ा (मांसपेशियों की क्षति) से गुजर रहे हैं.

जब तक सरकार बातचीत की पहल नहीं करती, अनशन खत्म नहीं करेंगे : वांगचुक

दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर लिखा: "मैंने भी अन्य लोगों की तरह उनसे अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने शांत भाव से कहा- 'मुझसे अनशन खत्म करने के लिए मत कहिए, सरकार से पूछिए कि वह बातचीत क्यों नहीं करना चाहती'." वांगचुक ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार बातचीत की पहल नहीं करती, वह अनशन खत्म नहीं करेंगे.

20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च की तैयारी

20 जून से शुरू हुए इस आंदोलन को धार देने के लिए संगठन ने आगामी 20 जुलाई को, यानी संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 'चलो संसद' मार्च का आह्वान किया है. CJP ने इस मार्च के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं और समर्थकों को जोड़ने के लिए एक ‘मिस्ड कॉल’ अभियान की शुरुआत की है, जिसके जरिए लोग पंजीकरण करा रहे हैं. गौरतलब है कि सोनम वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए थे और तभी से वह बिना कुछ खाए धरने पर बैठे हैं.

विपक्षी नेताओं का मिला समर्थन

सोनम वांगचुक को विपक्षी नेताओं का साथ मिला है. आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके से फोन पर बात कर वांगचुक के स्वास्थ्य की जानकारी ली. ठाकरे ने वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि उनका स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है. दोनों ही नेताओं ने कॉजपा के आगामी आंदोलनों को अपना समर्थन देने का भरोसा दिया है.

सोनम वांगचुक के समर्थन में आईं जीनत अमान

अभिनेत्री जीनत अमान भी सोनम वांगचुक के समर्थन में उतर गई हैं. अभिनेत्री ने कहा कि भारत को मूकदर्शक बने रहकर अपनी सबसे बेहतरीन प्रतिभाओं में से एक को तिल-तिल मिटते नहीं देखना चाहिए. जीनत अमान ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में लिखा कि सरकार को सोनम वांगचुक से शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत करनी चाहिए, क्योंकि यह मुद्दा पूरे भारत के भविष्य से जुड़ा है. उन्होंने लिखा, ‘‘हमें ऐसा समाज नहीं बनना चाहिए जो मूकदर्शक बने रहकर अपनी सबसे बेहतरीन प्रतिभाओं में से एक को तिल-तिल मिटता देखे. भारत में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन की एक लंबी परंपरा रही है. इसलिए जिनके हाथ में सत्ता है, उनका कर्तव्य है कि ऐसे शांतिपूर्ण विरोध का जवाब शांतिपूर्ण बातचीत से दें.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं वांगचुक की इच्छा का सम्मान करते हुए भारत सरकार से अपील करती हूं कि इस मुद्दे पर बातचीत शुरू की जाए, क्योंकि यह पूरे देश के भविष्य से जुड़ा हुआ है.’’


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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

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लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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