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शशि थरूर का मल्लिकार्जुन खड़गे पर वार : बड़े नेताओं को मिलता है वरिष्ठों का साथ, वर्कर्स का रखवाला कौन?

Updated at : 01 Oct 2022 8:09 PM (IST)
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शशि थरूर का मल्लिकार्जुन खड़गे पर वार : बड़े नेताओं को मिलता है वरिष्ठों का साथ, वर्कर्स का रखवाला कौन?

नागपुर में शशि थरूर ने कहा कि हम वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करते हैं, लेकिन पार्टी में युवाओं को सुनना भी बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि हम पार्टी में संगठनात्मक बदलाव लाएंगे और पार्टी के कार्यकर्ताओं को महत्व देंगे.

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नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए शुक्रवार को नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर अपना प्रचार करने के लिए निकल पड़े हैं. उन्होंने शनिवार को अपने प्रतिद्वंद्वी मल्लिकार्जुन खड़गे पर बौद्धिक तरीके से हमला किया है. उन्होंने कहा कि पार्टी के बड़े नेताओं के साथ वरिष्ठ नेता खड़े हो जाते हैं, लेकिन पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ कौन खड़ा होता है. शनिवार को नागपुर में तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने कहा कि हमारा उनका मुकाबला दोस्ताना है, मगर हमारे भी कई लक्ष्य हैं. हम पार्टी के कार्यकर्ताओं से समर्थन मांग रहे हैं. अध्यक्ष पद चुनाव लड़ने के मसले पर उन्होंने कहा कि पार्टी में बदलाव चाहने वाले कई कार्यकर्ताओं ने मुझे चुनाव लड़ने के लिए कहा है. मैं युवाओं की आवाज बनना चाहता हूं. मैं अपना अच्छा हिसाब दूंगा.

पार्टी में युवाओं को सुनना भी बेहद जरूरी

नागपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए शशि थरूर ने कहा कि हम वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करते हैं, लेकिन पार्टी में युवाओं को सुनना भी बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि हम पार्टी में संगठनात्मक बदलाव लाएंगे और पार्टी के कार्यकर्ताओं को महत्व देंगे. उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे का आत्मविश्वास अच्छा है, लेकिन मुझे भी इस बात का भरोसा है कि लोग मुझे भी सुनेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी के बड़े नेता दूसरे वरिष्ठ नेता के साथ स्वाभाविक तौर पर खड़े रह सकते हैं, लेकिन मेरे साथ विभिन्न राज्यों में पार्टी के कार्यकर्ता खड़े हैं.

शशि थरूर ने दीक्षाभूमि स्मारक से की अपने प्रचार की शुरुआत

बता दें कि कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को नागपुर में दीक्षाभूमि स्मारक का दौरा करने के बाद पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अपने प्रचार अभियान की शुरुआत की. महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता आशीष देशमुख ने बताया कि दीक्षाभूमि स्मारक पर भारत के संविधान निर्माता डॉ बीआर आंबेडकर ने वर्ष 1956 में अपने अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपना लिया था. देशमुख ने तिरुवनंतपुरम के सांसद थरूर के यहां के दौरे की व्यवस्था की है.

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शशि थरूर को 12 राज्यों के प्रतिनिधियों का समर्थन

आशीष देशमुख ने कहा कि शशि थरूर कांग्रेस के लोकप्रिय सांसद हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए उल्लेखनीय काम किया है. कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव पार्टी में विकेंद्रीकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम है. देशमुख ने यह भी दावा किया कि 12 राज्यों में कांग्रेस के प्रतिनिधियों (डेलिगेट्स) ने शशि थरूर का खुलकर समर्थन किया है और उन्हें देशभर के पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का समर्थन मिल रहा है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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