Shashi Tharoor को मानहानि मामले में कोर्ट से झटका, पीएम मोदी के खिलाफ की थी टिप्पणी

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 29 Aug 2024 4:58 PM

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Shashi Tharoor

Shashi Tharoor: कांग्रस नेता शशि थरूर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी मामले में कोर्ट से झटका लगा है.

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Shashi Tharoor: दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रधानमंत्री मोदी के संदर्भ में की गई ‘शिवलिंग पर बिच्छू’ टिप्पणी पर कांग्रेस नेता शशि थरूर के खिलाफ दायर मानहानि की शिकायत को निरस्त करने से इनकार कर दिया. जस्टिस अनूप कुमार मेंदीरत्ता ने मानहानि की कार्यवाही को चुनौती देने वाली थरूर की याचिका खारिज कर दी.

हाईकोर्ट ने 2020 में शशि थरूर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दिया था रोक

हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर, 2020 को मानहानि शिकायत में थरूर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी थी. इसने आज अपने अंतरिम आदेश को रद्द कर दिया और संबंधित पक्षों को 10 सितंबर को निचली अदालत के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया. कोर्ट ने आदेश सुनाते हुए कहा, कार्यवाही निरस्त करने का कोई आधार नहीं बनता है. थरूर ने निचली अदालत के 27 अप्रैल, 2019 के आदेश को निरस्त किए जाने का अनुरोध किया था.

बीजेपी नेता राजीव बब्बर ने थरूर के खिलाफ की थी शिकायत

निचली अदालत ने थरूर को भाजपा नेता राजीव बब्बर द्वारा दायर आपराधिक मानहानि शिकायत पर आरोपी के रूप में तलब किया था. उन्होंने दो नवंबर, 2018 को दायर की गई शिकायत को भी रद्द करने का अनुरोध किया था. बब्बर ने थरूर के खिलाफ निचली अदालत में आपराधिक शिकायत दायर की थी और दावा किया था कि कांग्रेस नेता के बयान से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं.

2018 में शशि थरूर ने की थी पीएम मोदी के खिलाफ टिप्पणी

अक्टूबर 2018 में शशि थरूर ने दावा किया था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक अनाम नेता ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना ‘शिवलिंग पर बैठे बिच्छू’ से की है. थरूर को जून 2019 में निचली अदालत ने संबंधित मामले में जमानत दे दी थी. शिकायतकर्ता ने कहा था, मैं भगवान शिव का भक्त हूं. हालांकि, आरोपी (थरूर) ने करोड़ों शिवभक्तों की भावनाओं का पूरी तरह अनादर किया (और) बयान दिया जिससे भारत में तथा देश के बाहर मौजूद सभी भगवान शिवभक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंची. शिकायत भारतीय दंड संहिता की धारा 499 (मानहानि) और 500 (मानहानि की सजा) के तहत दर्ज की गई थी.

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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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