शाहीन बाग बना कोरोना का नया हॉटस्पॉट, दिल्ली में ऐसे बढ़ रहा है COVID-19
New Delhi: A security guard provides sanitisers to people entering Max Hospital, during the nationwide lockdown to curb the spread of coronavirus, in New Delhi, Monday, April 27, 2020. As many as 33 staffers of a the hospital in east Delhi, including two doctors, nurses and paramedic staff, have tested positive for the virus over the last two weeks. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI27-04-2020_000076B)
देश में कोरोना संकट लगातार गहराता जा रहा है. इस बीच दिल्ली सरकार ने बताया कि दिल्ली में कोरोना कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 100 हो गई है, पिछले 24 घंटों में हाउस नम्बर 152 से 162, D-ब्लॉक शाहीन बाग एक नया हॉटस्पॉट बना है.
नयी दिल्ली : देश में कोरोना संकट लगातार गहराता जा रहा है. इस बीच दिल्ली सरकार ने बताया कि दिल्ली में कोरोना कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 100 हो गई है, पिछले 24 घंटों में हाउस नम्बर 152 से 162, D-ब्लॉक शाहीन बाग एक नया हॉटस्पॉट बना है.
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दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के पहले 1,000 मामले 42 दिनों में आये, लेकिन आठ दिनों में संक्रमित लोगों की संख्या 2,000 से 3,000 हो गयी. सरकार द्वारा साझा किये आंकड़ों से यह तथ्य सामने आया है. राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण का पहला मामला एक मार्च को सामने आया था.
इसके बाद 11 अप्रैल को संक्रमित लोगों की संख्या 1000 को पार कर 1069 हो गयी. दिल्ली में 11 अप्रैल तक 19 लोगों की मौत हुई थी. दिल्ली में एक ही दिन में संक्रमण के सबसे ज्यादा 356 मामले 13 अप्रैल को सामने आए थे. राष्ट्रीय राजधानी में 19 अप्रैल को संक्रमण के मामलों की संख्या 2000 को पार कर गयी.
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राष्ट्रीय राजधानी में 27 अप्रैल को संक्रमित लोगों की संख्या 3108 हो गयी. सोमवार को मृतकों की संख्या 54 हो गयी. दिल्ली में 26-27 अप्रैल को संक्रमण से मौत का मामला सामने नहीं आया. दिल्ली में 27 अप्रैल तक 877 लोग ठीक हो चुके हैं और फिलहाल संक्रमण के 2177 मामले हैं.
दिल्ली के उप राज्यपाल (एलजी) अनिल बैजल ने मंगलवार को सभी जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र में कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए सूक्ष्म निषिद्ध क्षेत्र (माइक्रो कंटेनमेंट जोन) घोषित करने की रणनीति पर काम करें. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.
इस योजना के अनुसार बड़े क्षेत्रों की अपेक्षा संक्रमण की चपेट में आए छोटे क्षेत्रों को चिह्नित कर सूक्ष्म निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया जाएगा. दिल्ली के जहांगीपुरी समेत कुछ निषिद्ध क्षेत्रों में कोविड-19 संक्रमण के कई मामले सामने आने और प्रतिबंध के बावजूद लोगों को घरों के बाहर घूमते पाए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया.
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वर्तमान में किसी क्षेत्र में संक्रमण का मामला सामने आने के बाद अधिकारियों द्वारा वहां आने जाने का रास्ता बंद कर दिया जा रहा है और लोगों को उनके घरों से निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है. आवश्यक वस्तुएं सबके घर तक पहुंचाई जा रही हैं. अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, कुछ निषिद्ध क्षेत्रों में लोग सड़कों पर लोग घूम रहे हैं और लोगों से मिल रहे हैं.
सभी जिला मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया गया है कि वे ‘सूक्ष्म निषिद्ध क्षेत्र’ घोषित करने की रणनीति पर अमल करें जिसके तहत छोटे क्षेत्रों को चिह्नित कर निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया जाएगा ताकि लोगों को आने-जाने से पूरी तरह रोका जा सके. इस महीने की शुरुआत में निषिद्ध क्षेत्र घोषित होने के बावजूद उत्तरी दिल्ली के जहांगीरपुरी के एक परिवार के 31 सदस्य कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी महामारी से बचाव के लिए निषिद्ध क्षेत्रों में रह रहे लोगों से घरों से बाहर न निकलने की अपील की थी.
मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हर्ष वर्धन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक की जिसमें बैजल, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और सभी जिला मजिस्ट्रेट ने भाग लिया. बैठक में उन अस्पतालों में मानक प्रक्रिया का कड़ाई से पालन करने के बारे में चर्चा की गई जिन्हें कोविड-19 के मरीजों के लिए निर्दिष्ट नहीं किया गया है. गौरतलब है कि ऐसे अस्पतालों में भी संक्रमण के मामले सामने आए थे.
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By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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