साहित्य अकादमी के 70 साल पूरे, गुलजार का व्याख्यान होगा आकर्षण के केंद्र

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Mar 2024 8:21 PM

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साहित्य अकादमी के 70 साल पूरे हो रहे हैं. इस मौके को यादगार बनाने के लिए अकादमी द्वारा हर साल मनाये जाने वाला 'साहित्योत्सव' का आयोजन भव्य बनाया जा रहा है. इस बार मशहूर गीतकार गुलज़ार का वार्षिक व्याख्यान आकर्षण का केंद्र होगा.

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अंजनी कुमार, दिल्ली

साहित्य अकादमी के 70 साल पूरे हो रहे हैं. इस मौके को यादगार बनाने के लिए अकादमी द्वारा हर साल मनाये जाने वाला ‘साहित्योत्सव’ का आयोजन भव्य बनाया जा रहा है. विश्व स्तरीय होने वाले आयोजन की जानकारी देते हुए साहित्य अकादमी के सचिव के श्रीनिवास राव ने कहा कि 190 से अधिक सत्र का आयोजन होगा, जिसमें 1100 से अधिक प्रसिद्ध लेखक और विद्वान शामिल होंगे और देश की 175 से अधिक भाषाओं का भी प्रतिनिधित्व होगा. इस बार मशहूर गीतकार गुलज़ार का वार्षिक व्याख्यान आकर्षण का केंद्र होगा और तीन राज्यों के राज्यपाल केरल के आरिफ मोहम्मद खान, छत्तीसगढ़ के विश्वभूषण हरिचंदन और पश्चिम बंगाल के सीवी आनंद बोस विशेष अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगे.

साहित्योत्सव की शुरुआत अकादमी के साल भर के गतिविधियों की प्रदर्शनी के साथ शुरू होगा. साहित्योत्सव का मुख्य आकर्षण साहित्य अकादमी पुरस्कार 2023 अर्पण समारोह होगा. इस पुरस्कार-समारोह की मुख्य अतिथि प्रख्यात ओड़िया लेखिका प्रतिभा राय होंगी. प्रतिष्ठित संवत्सर व्याख्यान प्रख्यात उर्दू लेखक एवं गीतकार गुलज़ार द्वारा मेघदूत मुक्ताकाशी मंच पर होगा. बहुभाषी कवि और कहानी- पाठ, युवा साहिती, अस्मिता, पूर्वोत्तरी, जैसे नियमित कार्यक्रमों के अलावा भारत का भक्ति साहित्य, भारत में बाल साहित्य, भारत की अवधारणा, मातृभाषाओं का महत्त्व, आदिवासी कवि एवं लेखक सम्मेलन, भविष्य के उपन्यास, भारत में नाट्य लेखन, भारत की सांस्कृतिक विरासत, भारतीयों भाषाओं में विज्ञान कथा साहित्य, नैतिकता और साहित्य, भारतीय साहित्य में आत्मकथा, साहित्य और सामाजिक आंदोलन, विदेशों में भारतीय साहित्य जैसे अनेक विषयों पर परिचर्चा और संवाद होगा.

इस बार की राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय है स्वातंत्र्योत्तर भारतीय साहित्य. इसके अतिरिक्त अखिल भारतीय दिव्यांग लेखक सम्मेलन, एलजीबीटीक्यू लेखक सम्मेलन, मीर तक़ी मीर की जन्म – त्रिशत वार्षिकी पर संगोष्ठी, गोपीचंद नारंग पर एक परिसंवाद जैसे महत्त्वपूर्ण कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा. बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता साहित्य प्रश्नोत्तरी और कई प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें दिल्ली और एनसीआर के एक हजार से अधिक बच्चों के भाग लेने की उम्मीद है.

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत राजश्री वारियर द्वारा भरतनाट्यम, गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर को श्रद्धांजलि देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम ‘कस्तूरी, महेशाराम द्वारा संतवाणी गायन एवं दया प्रकाश सिन्हा द्वारा लिखित नाटक ‘सम्राट अशोक’ का मंचन भी किया जाएगा. छह दिन तक चलने वाले इस साहित्योत्सव में भाग ले रहे हिंदी एवं विभिन्न भारतीय भाषाओं के कुछ महत्त्वपूर्ण लेखक एवं विद्वान एसएल भैरप्पा, चंद्रशेखर कंबार, पॉल ज़कारिया, आबिद सुरती, के. सच्चिदानंद, चित्रा मुद्गल, मृदुला गर्ग, के इनोक, ममंग दई, एचएस शिव प्रकाश, सचिन केतकर, नमिता गोखले, कुल सैकिया, वाईडी थोंगछी, मालाश्री लाल, कपिल कपूर, अरुंधति सुब्रमण्यम, रख्शंदा जलील, राणा नायर, वर्षा दास, सुधा शेषाय्यन, उदय नारायण सिंह, अरुण खोपकर, शीन काफ निज़ाम शामिल होंगे. यह कार्यक्रम 11-16 मार्च तक चलेगा.

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