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यूक्रेन से हर हिंदुस्तानी की स्वदेश वापसी के लिए पीएम मोदी का 'ऑपरेशन गंगा', जानें क्यों चुना गया यह नाम!

Updated at : 01 Mar 2022 7:57 PM (IST)
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यूक्रेन से हर हिंदुस्तानी की स्वदेश वापसी के लिए पीएम मोदी का 'ऑपरेशन गंगा', जानें क्यों चुना गया यह नाम!

New Delhi: Indian nationals evacuated from war-torn Ukraine, on board a special Air India flight arrive at the Indira Gandhi International Airport, in New Delhi, Monday, Feb 28, 2022. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI02_28_2022_000192B)

Russia Ukraine War रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग से उपजे हालात को लेकर पूरी दुनिया में चर्चा जोर पकड़ रही है. इस बीच, रूसी सैनिकों की ओर से मंगलवार को यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव पर बमबारी की गई. इसके साथ ही रूसी सेना राजधानी कीव के और करीब पहुंच गई है.

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Russia Ukraine War रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग से उपजे हालात को लेकर पूरी दुनिया में चर्चा जोर पकड़ रही है. इस बीच, रूसी सैनिकों की ओर से मंगलवार को यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव पर बमबारी की गई. इसके साथ ही रूसी सेना राजधानी कीव के और करीब पहुंच गई है. वहीं, खारकीव में आज हुए एक हमले की चपेट में आने से कर्नाटक निवासी एक भारतीय छात्र की मौत हो गई. रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से किसी भारतीय की मौत का यह पहला मामला है. इन सबके बीच, युद्धग्रस्त यूक्रेन से हर हिंदुस्तानी की स्वदेश वापसी के लिए भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन गंगा’ शुरू किया है. प्रधानमंत्री ने भारतीयों के निकासी अभियान में वायुसेना को भी मोर्चे पर लगाया है.

बचाव अभियान के खर्च को वहन करेगी भारत सरकार

भारत सरकार की तरफ से यूक्रेन में फंसे भारतीयोंको एयर लिफ्ट करने के लिए ऑपरेशन गंगा चलाया जा रहा है. विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला के अनुसार, बचाव अभियान पर जो भी खर्च आएगा, उसे भारत सरकार वहन करेगी. यूक्रेन का एयरस्‍पेस बंद होने के कारण पड़ोसी पोलैंड, रोमानिया, हंगरी और स्लोवाकिया से फ्लाइट्स चलाई जा रही हैं. यूक्रेन के साथ लगते इन देशों के बॉर्डर्स पर कैम्‍प लगाए गए हैं. विदेश मंत्रालय ने हेल्‍पलाइन भी जारी किया है.

जानिए मिशन का नाम ‘ऑपरेशन गंगा’ क्‍यों?

बता दें कि 2015 नेपाल भूकंप के बाद भारत ने मदद के लिए ‘ऑपरेशन मैत्री’ चलाया गया था. वहीं, कोविड संकट के दौरान विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों को लाने के लिए ‘वंदे भारत मिशन’ शुरू किया गया था और अब यूक्रेन संकट के समय ‘ऑपरेशन गंगा’ लॉन्‍च हुआ है. इस नाम के पीछे के वजह का संकेत रेल मंत्री पीयूष गोयल के एक ट्वीट से मिलता है. यूक्रेन से भारतीय छात्रों को लेकर जब पहली फ्लाइट दिल्‍ली पहुंची तो अगवानी के लिए गोयल खुद मौजूद थे. उन्‍होंने तस्‍वीरें ट्वीट करते हुए लिखा, मां अपने बच्‍चों को संकट में कभी नहीं छोड़ती. यूक्रेन में फंसे ज्‍यादातर भारतीय वहां पढ़ाई करने गए थे और गंगा को भारत में मां का दर्जा मिला हुआ है. ‘ऑपरेशन गंगा’ नाम देकर सरकार यह जाहिर करना चाहती है कि भारतीय कहीं भी फंसे हों, उनकी मातृभूमि उन्‍हें अकेला नहीं छोड़ेगी.

अभियान के बारे में राष्ट्रपति को दी नयी जानकारी

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बीती रात राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को युद्धग्रस्त यूक्रेन से छात्रों सहित भारतीयों को वापस लाने के अभियान के बारे में जानकारी दी. राष्ट्रपति भवन ने एक ट्वीट कर कहा कि जयशंकर ने सोमवार की रात को यूक्रेन से छात्रों सहित भारतीयों को वापस लाने के ‘आपरेशन गंगा’ अभियान की प्रगति की जानकारी दी. इसमें कहा गया है, बाद में राष्ट्रपति की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात हुई और उन्होंने सरकार के प्रयासों की सराहना की.

ऑपरेशन गंगा में जुटेगी वायुसेना

यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामक सैन्य कार्रवाई के मद्देनजर पीएम नरेंद्र मोदी ने पूर्वी यूरोपीय देश में फंसे भारतीयों को वहां से सुरक्षित निकालने के लिए वायुसेना को मोर्चे पर जुट जाने को कहा है. सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय वायुसेना, यूक्रन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए चलाए जा रहे मिशन ऑपरेशन गंगा के तहत, कई सी-17 विमान तैनात कर सकती है. बता दें कि सी-17 विमानों का इस्तेमाल राहत कार्यों के दौरान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में इस्तेमाल किया जाता है. करीब 300 लोग इसमें सवार हो सकते हैं. संकट के मद्देनजर लोगों को निकालने के साथ-साथ भारतीय वायुसेना के विमान मानवीय सहायता संबंधी सामान पहुंचाने के लिए भी काम करेंगे.

पीएम मोदी ने 4 मंत्रियों को सौंपी अहम जिम्मेदारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार केंद्रीय मंत्रियों को यूक्रेन के पड़ोसी देशों में पहुंच कर भारतीयों को सुरक्षित एवं सुगम तरीके से निकालने में समन्वय करने की जिम्मेदारी दी है. इसके तहत, केंद्रीय मंत्री वी के सिंह पोलैंड में, किरेन रिजिजू स्लोवाकिया में, हरदीप पुरी हंगरी में जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया रोमानिया और माल्डोवा में समन्वय करेंगे.

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