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खेल रत्न के पीछे क्या है नाम का खेल, पहले राजीव गांधी को हटाया और अब मेजर ध्यानचंद को जोड़ा | Inside Story

Updated at : 06 Aug 2021 2:04 PM (IST)
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खेल रत्न के पीछे क्या है नाम का खेल, पहले राजीव गांधी को हटाया और अब मेजर ध्यानचंद को जोड़ा | Inside Story

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ी घोषणा करते हुए खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यान चंद के नाम से देने का एलान किया. पहले यह राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड के नाम से जाना जाता था.

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नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आज एक बड़ा एलान करते हुए कहा कि राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार (Rajiv Gandhi Khel Ratna award) का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद पुरस्कार (Major Dhyan Chand Khel Ratna Award) किया गया है. पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि देश भर के नागरिकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस पुरस्कार को अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के रूप में जाना जायेगा. बता दें कि खेल रत्न पुरस्कार देश का सर्वोच्च खेल सम्मान है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया कि मुझे भारत भर के नागरिकों से खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखने के लिए कई अनुरोध मिल रहे हैं. मैं उनके विचारों के लिए उनका धन्यवाद करता हूं. उनकी भावना का सम्मान करते हुए, खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहा जायेगा. जय हिन्द!

खेल रत्न पुरस्कार की शुरुआत 1991-1992 की गयी थी. विभिन्न खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को यह पुरस्कार दिया जाता है. पहली बार यह सर्वोच्च पुरस्कार शतरंज के दिग्गज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद को मिला था. इस पुरस्कार से सम्मानित अन्य खिलाड़ियों में लिएंडर पेस, सचिन तेंदुलकर, धनराज पिल्ले, पुलेला गोपीचंद, अभिनव बिंद्रा, अंजू बॉबी जॉर्ज, मैरी कॉम और रानी रामपाल हैं.

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नाम बदलने को लेकर भाजपा-कांग्रेस में कई बार हुआ रार

2014 में सत्ता में आयी भाजपा ने नाम बदलने का जो प्रचलन चलाया उसको लेकर कांग्रेस लगातार बीजेपी पर हमलावर रही. बात चाहे स्टेशनों के नाम बदलने की हो या फिर स्टेडियम के, कांग्रेस को सरकार का यह कदम नहीं भाया. जब अहमदाबाद क्रिकेट स्टेडियम का नाम नरेंद्र मोदी के नाम पर रखा गया तब भी विवाद हुआ था. वहीं मोदी सरकार ने गरीबों को दिये जाने वाले घर वाली योजना से इंदिरा गांधी का नाम हटाया, तब भी कांग्रेस ने विरोध किया था.

2020 में ही मोदी सरकार ने हटा दिया था राजीव गांधी का नाम

नरेंद्र मोदी सरकार ने राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड से राजीव गांधी के नाम 2020 में ही हटा दिया था. 2020 में मौजूदा महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल को यह पुरस्कार केवल खेल रत्न के नाम से दिया गया था. अब यह अवार्ड मेजर ध्यान चंद्र खेल रत्न अवार्ड के नाम से जाना जायेगा. खेल जगत से जुड़ी हस्तियों ने मोदी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. वहीं विपक्षी दलों ने इस बदलाव पर ऐतराज जताया है.

जानें क्या कहना है खेल जगत की हस्तियों का

खेल जगत की हस्तियों ने मोदी सरकार के फैसले का स्वागत किया है. खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने ट्वीट किया कि मेजर ध्यानचंद ने अपने असाधारण खेल से विश्व पटल पर भारत को एक नयी पहचान दी व अनगिनत खिलाड़ियों के प्रेरणास्रोत बने. पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ओलिंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त, पूर्व खेल मंत्री किरण रीजीजू सहित खेल से जुड़े कई लोगों ने मोदी सरकार के इस कदम की जमकर जारीफ की. वहीं कांग्रेस, विपक्ष के कुछ दलों और खिलाड़ियों को यह फैसला रास नहीं आया. ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेन्दर सिंह ने ट्विटर पर लिखा कि भाई ये नाम ही बदल सकते है थोड़े से दिन में भारत का भी नाम बदल कर अमेरिका कर देंगे.

Posted By: Amlesh Nandan.

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