भारत में 47 लाख लोगों की कोरोना से हुई मौत ? जानें क्यों WHO रिपोर्ट पर भरोसा नहीं कर सकते

Jammu: A healthcare worker collects a swab sample of a woman for Covid-19 testing, amid a surge in coronavirus cases, in Jammu, Friday, April 29, 2022. (PTI Photo)(PTI04_29_2022_000052B)
Corona Death in India : रणदीप गुलेरिया ने रिपोर्ट पर आपत्ति जतायी है. उन्होंने डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट को लेकर कहा कि भारत में जन्म और मृत्यु पंजीकरण की बहुत मजबूत प्रणाली है और वे आंकड़े उपलब्ध हैं लेकिन डब्ल्यूएचओ ने उन आंकड़ों का इस्तेमाल ही नहीं किया है.
Corona Death in India : देश के शीर्ष स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा कोरोना संक्रमण या इसके प्रभाव के कारण भारत में 47 लाख लोगों की मौत का अनुमान लगाने के लिए प्रयुक्त ‘मॉडलिंग’ पद्धति पर वाल उठाये हैं. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक बलराम भार्गव, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल और एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया सहित कई विशेषज्ञों ने रिपोर्ट को अस्वीकार्य बताया है, साथ ही इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है.
रणदीप गुलेरिया ने रिपोर्ट पर आपत्ति जतायी है. उन्होंने डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट को लेकर कहा कि भारत में जन्म और मृत्यु पंजीकरण की बहुत मजबूत प्रणाली है और वे आंकड़े उपलब्ध हैं लेकिन डब्ल्यूएचओ ने उन आंकड़ों का इस्तेमाल ही नहीं किया है. वहीं पॉल ने डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट को खारिज किया और कहा कि भारत वैश्विक निकाय को पूरी विनम्रता से और राजनयिक चैनलों के जरिए, आंकड़ों और तर्कसंगत दलीलों के साथ स्पष्ट रूप से कहता रहा है कि वह अपने देश के लिए अपनाई गयी कार्यप्रणाली से सहमत नहीं है.
नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल ने आगे कहा कि अब जबकि सभी कारणों से अधिक मौतों की वास्तविक संख्या उपलब्ध है, केवल मॉडलिंग आधारित अनुमानों का उपयोग करने का कोई औचित्य नहीं है. … दुर्भाग्य से, हमारे लगातार लिखने, मंत्री स्तर पर बातचीत के बाद, उन्होंने मॉडलिंग और धारणाओं पर आधारित संख्याओं का उपयोग चुना है. भारत जैसे आकार वाले देश के लिए इस तरह की धारणाओं का इस्तेमाल किया जाना और “हमें खराब तरीके से पेश करना वांछनीय नहीं है.
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डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि पिछले दो वर्षों में लगभग 1.5 करोड़ लोगों ने या तो कोरोना वायरस से या स्वास्थ्य प्रणालियों पर पड़े इसके प्रभाव के कारण जान गंवायी. डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण से 47 लाख लोगों की मौत हुई. भारत ने डब्ल्यूएचओ द्वारा जारी आंकड़ों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस्तेमाल किये गये मॉडल और डेटा संग्रह की कार्यप्रणाली संदिग्ध है.
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयियस ने इस आंकड़े को गंभीर बताते हुए कहा कि इससे देशों को भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निबटने के लिए अपनी क्षमताओं में अधिक निवेश करने के लिए प्रेरित होना चाहिए. उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ बेहतर निर्णयों और बेहतर परिणामों के लिए बेहतर डेटा तैयार करने के लिए अपनी स्वास्थ्य सूचना प्रणाली को मजबूत करने के दिशा में सभी देशों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है.
भाषा इनपुट के साथ
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