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Railway: सभी जोन में लागू किये जायेंगे इंटीग्रेटेड ट्रैक मॉनिटरिंग सिस्टम

Updated at : 05 Dec 2024 8:28 PM (IST)
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Railway: सभी जोन में लागू किये जायेंगे इंटीग्रेटेड ट्रैक मॉनिटरिंग सिस्टम

इंटीग्रेटेड ट्रैक मॉनिटरिंग सिस्टम (आईटीएमएस) और रोड सह रेल निरीक्षण वाहन (आरसीआरआईवी) यह एक अत्याधुनिक प्रणाली है, जो भारतीय रेलवे की ट्रैक सुरक्षा और संचालन की गुणवत्ता को बेहतर बनाती है.

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Railway: इंटीग्रेटेड ट्रैक मॉनिटरिंग सिस्टम (आईटीएमएस) और रोड सह रेल निरीक्षण वाहन (आरसीआरआईवी ) यह एक अत्याधुनिक प्रणाली है, जो भारतीय  रेलवे की ट्रैक सुरक्षा और संचालन की गुणवत्ता को बेहतर बनाती है. आरसीआरआईवी ने ट्रैकमैन, गैंगमैन, कीमैन और पीडब्ल्यूआई (स्थायी पथ निरीक्षक) के कार्य करने के तरीके में बड़े बदलाव किए हैं. इन बदलावों से न केवल सुरक्षा में सुधार होगा बल्कि उनके कामकाज और जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर होगी. रेल मंत्रालय आने वाले पांच वर्षों में सभी रेल ज़ोन में इस नई प्रणाली को लागू करने का लक्ष्य तय किया है.

यह प्रणाली विशेष रूप से ट्रैक निरीक्षण और रखरखाव के आधुनिकीकरण में रेलवे के विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा. गुरुवार इस प्रणाली का मुआयना रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया. रेल मंत्री ने कहा कि हाई-टेक रेल-सह -रोड निरीक्षण वाहन और अत्याधुनिक रेलवे ट्रैक हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम से भारत में रेल यात्रा सुरक्षित हो रही है.यह तकनीकी प्रणाली न केवल ट्रैक की निगरानी और माप करने में मदद करेगी, बल्कि रेलवे संचालन को भी और अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाएगी.

उन्होंने कहा कि  यह प्रणाली प्रत्येक रेलवे जोन में उपलब्ध कराई जाएगी. रेलवे का लक्ष्य है कि हर चार महीने में होने वाले इस रखरखाव को अब हर दो महीने में किया जाए. यह नवीन टेक्नोलॉजी भारतीय रेल से हर  रोज यात्रा करनेवाले लगभग 2.3 करोड़ यात्रियों की सुरक्षा में बढ़ोतरी करेगी.  


ऐसे काम करता है आईटीएमएस और आरसीआरआईवी

इंटीग्रेटेड ट्रैक मॉनिटरिंग सिस्टम एक उच्च-प्रदर्शन प्रणाली है, जो ट्रैक की निगरानी, माप और सुरक्षा के लिए नवीनतम तकनीकों का इस्तेमाल करती है. आईटीएमस ट्रैक रिकॉर्डिंग कार (टीआरसी) पर स्थापित है, जो 20 से 200 किमी प्रति घंटे की गति से ट्रैक का विश्लेषण कर सकता है. इसमें लेजर सेंसर, हाई-स्पीड कैमरे, जीपीएस और अन्य सेंसर शामिल होते हैं, जो ट्रैक की स्थिति और संभावित दोषों का पता लगाते हैं. वहीं आईटीएमएस प्रणाली में एक्सेलेरोमीटर का उपयोग किया जाता है, जो कोच और एक्सल बॉक्स पर त्वरण (acceleration) को मापता है. यह सिस्टम सवारी की गुणवत्ता की निगरानी करता है और ऐसे स्थानों की पहचान करता है जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता होती है. 

उल्लंघन माप प्रणाली एलआईडीएआर तकनीक का उपयोग करती है, जिससे किसी भी ट्रैक उल्लंघन  या बाधा का तुरंत पता लगाया जा सकता है. यह रेलवे ट्रैक के आसपास की सुरक्षा को और भी मजबूत बनाता है. जबकि रोड सह रेल निरीक्षण वाहन जिसमे आगे 250एमएम के दो लोहे के पहिए और पीछे 750 एमएम के दो लोहे के पहिए जुड़े है जो कि इस गाड़ी को सड़क के साथ-साथ रेलवे ट्रेक पर चलने में सक्षम बनाता है. इसमें 3 कैमरे है जो 15 दिन के बैकअप के साथ ट्रेक का रेकॉर्डिंग करेंगे.

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Anjani Kumar Singh

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By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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