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Railway: पंबन ब्रिज की सुरक्षा के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित

Updated at : 28 Nov 2024 8:28 PM (IST)
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Ashwini Vaishnaw

Ashwini Vaishnaw

रेल मंत्रालय ने पुल की सुरक्षा संबंधी जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन करने का फैसला लिया है. दक्षिण रेलवे के सेफ्टी कमिश्नर ने हाल में पुल का मुआयना कर आम लोगों के लिए खोलने से पहले कुछ कमियों को दूर करने की सिफारिश की थी.

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Railway: तमिलनाडु स्थित रामेश्वरम का पंबन द्वीप जोड़ने वाले रेलवे ब्रिज को लेकर रेलवे सेफ्टी कमिश्नर की ओर से सुरक्षा को लेकर उठाए गए सवाल पर रेल मंत्रालय ने कदम उठाया है. रेल मंत्रालय ने पुल की सुरक्षा संबंधी जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन करने का फैसला लिया है. दक्षिण रेलवे के सेफ्टी कमिश्नर ने हाल में पुल का मुआयना कर आम लोगों के लिए खोलने से पहले कुछ कमियों को दूर करने की सिफारिश की थी. गुरुवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे बोर्ड के अतिरिक्त सदस्य(ब्रिज) के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया गया है, जो सेफ्टी कमिश्नर द्वारा उठाए गए चिंताओं पर गौर करेगी. इस समिति में रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गेनाइजेशन के ब्रिज एक्सपर्ट, स्वतंत्र सेफ्टी कंसलटेंट और दक्षिण रेलवे के अधिकारी शामिल होंगे.

यह समिति डेढ़ महीने में पुल की सुरक्षा का विस्तृत विश्लेषण कर रिपोर्ट सौंपेगी. रिपोर्ट के आधार पर जो भी एहतियाती कदम उठाने होंगे उसे उठाया जायेगा.गौरतलब है कि पुराने पंबन ब्रिज के बगल में ही बनाए गया यह पुल देश का पहला वर्टिकल रेलवे ब्रिज है और इस ब्रिज पर 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलेगी. रेल मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इस पुल का डिजाइन अंतर्राष्ट्रीय कंसलटेंट द्वारा भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय कोड के तहत तैयार किया गया है. इस डिजाइन को आईआईटी मद्रास द्वारा चेक किया गया. रेलवे बोर्ड ने ब्रिज की सुरक्षा के लिए आईआईटी, मुंबई से भी ऑडिट कराया और इसे पूरी तरह सुरक्षित पाया गया.

 सभी सुरक्षा मानकों का किया गया है पालन

मंत्रालय का कहना है कि ब्रिज का डिजाइन विश्व की प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय संस्था ने किया है और इसे देश की दो प्रमुख संस्थानों द्वारा जांचा गया. स्थानीय आबादी को फायदा पहुंचाने के लिए अप्रोच रोड में बदलाव किया गया और इसे दक्षिण रेलवे के विशेषज्ञों ने सही माना. पुल की सुरक्षा के लिए अति आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया गया. पंबन पुल को रेल यातायात के लिए 15 दिसंबर तक खोले जाने की तैयारी थी. इसे लेकर रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने पंबन और मंडपम स्टेशनों के बीच नयी ब्रॉडगेज लाइन और नवनिर्मित पंबन पुल का निरीक्षण किया और रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने इस ब्रिज में कुछ खामियां पायी.

गौरतलब है कि नया पंबन रेलवे पुल 104 साल पुराने  रेलवे पुल की जगह लेगा और इससे हर साल लाखों तीर्थयात्रियों को फायदा होगा. यह पुल इलेक्ट्रो-मैकेनिकल कंट्रोल सिस्टम से चलेगा. ट्रेन के कंट्रोल सिस्टम से इसे जोड़ा जाएगा. पंबन पुल 90 डिग्री के कोण पर ऊपर की ओर खुलेगा. इसका 72.5 मीटर का हिस्सा(स्पैन) अपने दोनों तरफ लगी लिफ़्टिंग के माध्यम से ऊपर की ओर इतना उठ जाएगा कि उसके नीचे से समुद्री जहाज जा सकेंगे. 

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Anjani Kumar Singh

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By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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